अमरोहा : आईफ्लू का कहर जारी, एक दिन में ओपीडी में पहुंचे 250 मरीज
शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
अमरोहा/गजरौला, अमृत विचार। आई फ्लू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिदिन आई फ्लू और त्वचा रोग के मरीज सीएचसी की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को बीमारी से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। गुरुवार को गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आई फ्लू के 250 मरीज पहुंचे। सभी मरीजों को निशुल्क आई ड्रॉप्स व दवा दी गई।
सरकारी अस्पतालों में हरदिन आई फ्लू व अन्य बीमारियों के 1,000 तक मरीज पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या 1500 तक पहुंच रही है। इतना ही नहीं कुछ मरीज खुद भी स्टोर से आई ड्राप खरीद रहे हैं। हालात यह हैं कि ओपीडी में भीड़ नहीं टूट रही है। नहीं चश्मा की दुकानों पर भी भीड़ नजर आने लगी हैं। बारिश के साथ ही कन्जक्टिवाइटिस वायरस (आई फ्लू) फैलने लगा है।
संक्रमण ने पहले शहर में और अब देहात क्षेत्रों में पैसर पसार लिए हैं। अब इसकी रफ्तार कई गुना बढ़ गई है। शहर से लेकर देहात तक के सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा फ्लू के मरीज आ रहे हैं। आखों में लालामी, करकराहट, कीचड़, पानी, सूजन जैसी सर्वाधिक दिक्कतें हैं। दूसरे नंबर पर त्वचा संक्रमण फैला है। त्वचा पर लाल-काले दाने, चकत्ते, पपड़ियां, दाद-खाज, एलर्जी की शिकायतें आम हैं। नेत्र परीक्षण अनिल कुमार ने बताया कि आई फ्लू के संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें। दिक्कत होने पर तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। वहीं आंखों की दवाओं पर महंगाई की मार पड़ गई है। इनके मूल्य बढ़ गए हैं।
आई फ्लू से ऐसे करें बचाव
हाथों को बार-बार धोएं, आखों से न लगाएं।
किसी संक्रमित के संपर्क में आने से बचें।
बारिश में भीगने के बाद तुरंत शरीर को सुखाएं।
आंखों को ठंडे पानी से धोएं, जिससे संक्रमण न रह सके।
त्वचा रोग से बचाव
बारिश में भीगने से बचें, गंदे स्थानों पर न जाएं।
कपड़े भीग गए हैं तो तुरंत बदलकर सूखे पहनें।
दाने, पपड़ियों को खुजाएं नहीं, वहां क्रीम लगाएं।
बिना डाक्टरी सलाह के कोई भी क्रीम न लगाएं।
फ्लू होने पर क्या करें
संक्रमित के कपड़े, बर्तन, सामान अलग रखें।
आखों को रगड़ें नहीं और काला चश्मा लगाएं।
डाक्टर से पूछकर ही आई ड्राप का प्रयोग करें।
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