संभल: बरसात में गिरी मकान की छत, महिला व तीन बच्चे घायल
गांव के लोगों ने मलबा हटाकर चारों को निकाला बाहर, घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
संभल, अमृत विचार। संभल सदर तहसील क्षेत्र के पंवासा में शुक्रवार को तड़के बरसात के दौरान मकान की छत भरभराकर गिर पड़ी। कमरे में से रही महिला व उसके तीन बच्चे मलबे में दब गये। गांव के लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर तहसीलदार व सीओ मौके पर पहुंचे।
पंवासा गांव में मेहनत मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले अजब सिंह का घर जर्जर हालत में था। बरसात में छत टपकी तो उसने ऊपर पन्नी डालकर बरसात से बचने का उपाय किया था। गुरुवार रात को अजब सिंह घर के आंगन में सो रहा था जबकि पत्नी अंजली कमरे में तीनों बच्चों के साथ सोई थी। रात को बरसात के बाद शुक्रवार सुबह पांच बजे अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर पड़ी।
कमरे में सो रही अंजली के साथ ही तीनों बच्चे अनामिका 9 वर्ष, आयुष 7 वर्ष, इशिका 6 वर्ष मलबे में दब गये। आवाज सुनकर अजब सिंह जागा तो हादसा देख उसकी चीख निकल गई। अजब सिंह ने पड़ोस के लोगों को बुलाया तो सभी मलबा हटाने के काम में जुटे। किसी तरह मलबा हटाकर अंजली व तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया। घायलों को आनन फानन में सीएचसी पंवासा ले जाया गया जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया।
लगाई गुहार पर नहीं मिला आवास
पंवासा। अजब सिंह का कहना है कि उसने कई बार अर्जी देकर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने की गुहार लगाई मगर उसकी बात किसी ने नहीं सुनी। उसे पता था कि उसका मकान जर्जर हालत में है मगर बच्चों को लेकर भला वह कहां रहने के लिए जाता। वहीं हादसे की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार दीपक कुमार, सीओ बहजोई दीपक तिवारी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने जांच पड़ताल कर परिजनों को मुआवजा व पात्रता साबित होने पर आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
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