गरमपानी: बसगांव के 80 से ज्यादा परिवार बूंद बूंद पानी को तरसे
गरमपानी, अमृत विचार। बेतालघाट ब्लॉक के बसगांव में पीने के पानी का अकाल पड़ चुका है। लाखों रुपये की लागत से बनी योजना भी सफेद हाथी बन चुकी है। गांव के बासिदों को पानी के लिए दूर दराज रुख करना मजबूरी बन चुका है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। गांव के लगभग 80 से ज्यादा परिवार पेयजल संकट गहराने से बूंद बूंद पानी को तमाम परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।
बसगांव के करीब 80 परिवार बीते एक महीने से पेयजल संकट का सामना करने को मजबूर हैं। लाखों रुपये की लागत से गांव में पेयजल आपूर्ति को जल जीवन मिशन योजना के तहत योजना भी तैयार की गई पर योजना से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीण पूर्व में ही योजना के जल स्रोत पर सवाल खड़े कर चुके हैं बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य इंदर सिंह बोहरा ने आरोप लगाया की योजना को गलत स्रोत से जोड़ा गया है जिस कारण योजना से गंदा पानी गांव में पहुंच रहा है।गंदे पानी से संक्रामक बिमारी फैलने का खतरा भी है ऐसे में गांव के लोग दूर-दराज से पेयजल की व्यवस्था को मजबूर है।
विभागीय अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय अनिल सिंह नेगी, आन सिंह, कुबेर सिंह, जीवन सिंह नेगी, बचे सिंह, मोहन सिंह आदि ग्रामीणों ने पेयजल संकट गहराने से गहरी नाराजगी जताई है। एक महीने से सुध न लिए जाने पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। जल्द आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है की यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो फिर गांव के लोगो को साथ लेकर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
