सपा: निकाय चुनाव में हार की परतें उधड़ी, 35 लाख में टिकट बेचने का खुला आरोप
पूर्व विधायक सुल्तान बेग के पार्टी कार्यालय पर मासिक बैठक में जिलाध्यक्ष शिवचरन पर सीधे हमले के बाद जमकर हंगामा, दोनों में हाथापाई की नौबत
बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक में शनिवार को निकाय चुनाव में पार्टी की हार पर चर्चा के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ। पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने लाखों की वसूली कर टिकट देने का खुला आरोप लगाया तो एकाएक माहौल गरमा गया। इसके बाद पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप आपस में भिड़ गए।
तू-तू मैं-मैं के बीच हाथापाई तक नौबत पहुंच गई। पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाते हुए दोनों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन जोरदार हंगामा चलता रहा। तमाम कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल पर इस घटनाक्रम की वीडियो बनाकर शेयर करने शुरू कर दिए जो बाद में वायरल हो गए।
सपा की मासिक बैठक में इस बार हंगामा होने के कयास कार्यकर्ता पहले से लगा रहे थे। पार्टी के जिला कार्यालय पर शनिवार दोपहर शुरू हुई बैठक में कुछ ही देर बाद पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने निकाय चुनाव में पार्टी की हार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कहा कि निकाय चुनाव की शर्मनाक हार की समीक्षा होनी चाहिए थी, लेकिन नहीं की गई। पूर्व विधायक बोले, जब 35-35 लाख रुपये लेकर टिकट दिए जाएंगे तो पार्टी की शर्मनाक हार ही होगी। उन्होंने कहा कि शाही में नौ बार चेयरमैन रहे शाहिद रजा खां का टिकट हुआ था लेकिन 35 लाख रुपये लेकर उनका टिकट काटकर बसपा से आए व्यक्ति को दे दिया गया।
पूर्व विधायक के खुले आरोप से बैठक में सन्नाटा छा गया। जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने पूर्व विधायक की बात को गलत बताते हुए कहा कि शाही का टिकट राष्ट्रीय अध्यक्ष ने काटा था और उन्होंने ही दिया भी, तो क्या उन्होंने पैसे ले लिए। उधर, पूर्व विधायक ने शेरगढ़ में भी 35 लाख लेकर टिकट देने की बात कही।
यह भी कहा कि फतेहगंज पश्चिमी में इमराना को टिकट देने की सिफारिश की थी। वह तीन हजार वोटों से जीतीं प्रत्याशी थीं लेकिन जिलाध्यक्ष ने उन्हें टिकट नहीं दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे लेकर ऐसे व्यक्ति को जिताऊ बताकर टिकट दिलाया जिसे मात्र 270 वोट मिले।
जब कुछ कहने ही नहीं देना तो क्यों बुलाई बैठक
पूर्व विधायक सुल्तान बेग के लगातार पैसे लेकर टिकट देने की बात कहने पर शिवचरन कश्यप भी उग्र हो गए और उन्होंने पूर्व विधायक को बैठने के लिए कह दिया, तनातनी लगातार बढ़ती गई और दोनों तरफ से कोई बैठने को तैयार नहीं हुआ। सुल्तान बेग ने कहा कि जब कुछ कहने नहीं देना है तो बैठक क्यों बुलाई गई। बैठक में मौजूद महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व विधायक विजयपाल सहित कई नेता मौजूद रहे लेकिन कोई बीचबचाव कराने को कोई नहीं उठा।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाते हुए माहौल शांत कराने की कोशिश की। कई कार्यकर्ता खड़े हो गए। कुछ देर बाद पूर्व विधायक बैठक से चले गए। इसके बाद दो तीन कार्यकर्ताओं ने अपनी बात कही और बैठक समाप्त हो गई। हालांकि पूर्व अध्यक्ष अगम मौर्य और जिला महासचिव संजीव यादव, अरविंद यादव आदि वायरल वीडियो में दोनों के बीच बीचबचाव कराने की मुद्रा में दिख रहे हैं।
गाड़ियों में पार्टी का झंडा लगाएं बड़े नेता
बैठक में हंगामा शुरू होने से पहले पहुंचे जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि छोटे लोहिया ब्राह्मण समाज के नेता थे। उनकी जयंती है इसलिए बैठक का संचालन ब्राह्मण पदाधिकारी महानगर महासचिव दीपक शर्मा करेंगे। मीरगंज के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सुरेश गंगवार ने कहा कि बड़ी-बड़ी गाड़ियों से चलने वाले सपा नेताओं की गाड़ियां चेक करने और उनके वाहनों पर पार्टी का झंडा नहीं लगा हाेने की बात कही। यह भी कहा कि पदाधिकारी बनने को लालायित रहने वाले नेता पार्टी का झंडा लगाने से क्यों बचते हैं। जब नेताओं का यह हाल है तो जनता को क्या संदेश देंगे। नेताओं को पार्टी में झंडा लगाकर चलना चाहिए।
पूर्व विधायक को गलतफहमी-जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप का कहना है कि पूर्व विधायक काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। लखनऊ से बैठक के लिए विशेष रूप से आए थे। 6 जुलाई को लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने भी पूर्व विधायक ने मीरगंज के 8 बूथ हारने की बात कही थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने 8 बूथ जीतने के प्रमाण प्रदेश अध्यक्ष को अगले दिन दिये थे। इसी बात से वह हमसे कुंठित थे। मीरगंज में दो टिकट पूर्व विधायक के कहने पर ही दिये गये थे लेकिन शाही-शीशगढ़ के सिंबल विधायक शहजिल इस्लाम लखनऊ से करवाकर लाए थे। अब उनको गलतफहमी है कि उन्होंने सिंबल बेच लिए।
पैसे लेकर टिकट देने के मामले में एक प्रत्याशी से पूछताछ कर चुके अखिलेश
बरेली, अमृत विचार : निकाय चुनाव में पैसे लेकर टिकट लेने के मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक प्रत्याशी से पूछताछ कर चुके हैं। इस मामले में पार्टी कार्यालय से जिले के नेताओं को फोन कर पैसे वापस करने की बात कही गई। स्थानीय नेताओं ने पैसे लेने से इंकार कर दिया।
अप्रत्यक्ष रूप से चेयरमैन प्रत्याशी को 13.5 लाख रुपये वापस हो चुके हैं। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि जिले के एक नेता के पास लखनऊ कार्यालय से फोन करके पूछा गया था कि किसी चेयरमैन प्रत्याशी से पैसे लिए गये हैं। उन्हें लेकर लखनऊ आइए। 14 जुलाई को प्रत्याशी को लेकर लखनऊ गये। वहां राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रत्याशी से अकेले कमरे में पूरा वाकया जाना। प्रत्याशी ने बताया कि उसने कई किस्तों में रुपये दिये थे। इस लेनदेन में एक पूर्व विधायक का भी नाम सामने आया। इसके बाद पार्टी कार्यालय से फोन आया था। फोन पर तो लेनदेन से इंकार किया लेकिन फोन आने के बाद प्रत्याशी को 13.5 लाख वापस मिल गये हैं।
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