लखनऊ: केस वापस लेने की धमकी देकर युवक पर की फायरिंग, दो घायल

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। हसनगंज थानांतर्गत डालीगंज में शनिवार रात केस वापस लेने की धमकी देते हुए अपराधियों ने एक युवक व उसके दोस्तों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो चाकू से हमला कर दिया और जमकर पीटा। घटना में एक युवक को हाथ पर गोली लगी है ।

लिखित शिकायत में मनकामेश्वर मंदिर के समीप रहने वाले सूरज निषाद ने बताया कि शनिवार रात 9:00 बजे वह ड्यूटी करके वापस घर लौट रहा था। तभी हाईटेक न्यूज के ऑफिस के समीप अजहर, हारुन, अजीत जोशी उर्फ इंस्पेक्टर, अनुज कश्यप, उसका भाई आशीर्वाद कश्यप समेत करीब 8-9 लोगों ने रास्ता रोक लिया और पुराना केस वापस लेने के लिए कहा। जब सूरज ने इनकार किया तो आरोपियों ने कहा कि आज ही इसे जान से मार दो, बचने न पाये।

इसके बाद अजहर ने कमर से तमंचा निकाल कर फायर कर दिया। तो गोली सूरज के हाथ में लग गई। सूरज जान बचाकर भागा तो आरोपी पीछा करने लगे, इसके बाद हारुन ने दूसरा राउंड फायर किया, तो फायर मिस हो गया। इस दौरान सूरज घर के पास गिर पड़ा। प

ड़ोस में रहने वाला सूरज का दोस्त रितिक वाल्मिकी उसे उठाने आया तो आरोपियों ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। जिससे दोनों ही घायल हो गये। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। सूरज को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक, एडीसीपी मनीषा सिंह, एसीपी महानगर नेहा त्रिपाठी आदि मौके पर पहुंचे।

तीन साल पूर्व दर्ज कराया था मारपीट व छेड़खानी का मुकदमा, आजतक नहीं हुई कार्रवाई

सूरज ने बताया कि गत 28 मई 2020 को रात करीब 1:00 बजे आशीष जोशी, अमन कश्यप, सौरभ वर्मा, विशाल चौरसिया व उनके अन्य साथी जबरन उसके घर में घुस आये थे और घर की महिलाओं से गाली-गलौज व छेड़खानी करने लगे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके पिता संतोष निषाद को लात-घूसों से पीटकर लोहे की रॉड मारकर सिर फाड़ दिया था। मामले को लेकर 28 मई को ही हसनगंज थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। जिसपर प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई। पर पुलिस ने आजतक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस देती रही संरक्षण, धमकाते रहे अपराधी, 15 जुलाई को भी की थी पिटाई

सूरज व रितिक ने बताया कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किये जाने के कारण आरोपी बेखौफ हो गये थे और आए दिन रास्ता रोककर केस वापस लेने का दबाव डालते हुए धमकाते थे। सूरज ने बताया कि गत 15 जुलाई की रात भी आरोपियों ने उसका रास्ता रोककर केस वापस लेने का दबाव डालते हुए मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस बारे में सूरज ने हसनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस ने ससमय कार्रवाई की होती तो ये घटना नहीं होती। सूरज का आरोप है कि हसनगंज पुलिस पैसे लेकर आरोपियों को लगातार संरक्षण देने का काम कर रही है।

मनकामेश्वर मंदिर के समीप फायरिंग और मारपीट की घटना हुई है। एक युवक को हाथ में गोली लगी है। मामला करीब तीन वर्ष पुराने विवाद का है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं ...,अपर्णा रजत कौशिक, डीसीपी मध्य।

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