मुरादाबाद : आखिर ध्यानचंद और गावस्कर कैसे बनेंगे माटी के लाल, नहीं मिल रहें पर्याप्त संसाधन
अनदेखी खेल विभाग और स्पोर्ट्स स्टेडियम की ओर से खिलाड़ियों को नहीं मिल रहें पर्याप्त संसाधन
यह है स्टेिडयक का द्वार।
मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के युवा खिलाड़ियों को संसाधनों की कमी की मार झेलनी पड़ रही है। यहां खेल विभाग की ओर से इन्हें पर्याप्त साधन अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी के खिलाड़ी अपनी खरीदी हुई गेंद से अभ्यास कर रहे हैं। मगर खेल विभाग के जिम्मेदारों ने इसे देख कर भी अनदेखा कर रखा है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्मार्ट सिटी के तहर 5.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मगर यहां खिलाड़ियों की मिलने वाली सुविधा में अभाव देखने को मिल रहा है। वैसे तो स्मार्ट सिटी का काम मई महीने में पूरा होने था। लेकिन, यह काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। जिस वजह से बैंडमिंटन, बाक्सिंग रिंग, हैंडबाल मैदान और जिम की सुविधा खिलाड़ियों की नहीं मिल रही है। वहीं अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी खुद अपने पैसे खर्च कर अभ्यास करने के सामान खरीदने पड़ रहे हैं।
क्रिकेट खिलाड़ी ऋषभ मलिक, सचिन आदि ने बताया कि यहां खिलाड़ी अभ्यास के लिए खुद अपनी गेंद खरीदकर लाते हैं। सम्पन घर के खिलाड़ी तो अच्छी गेंद खरीद कर अभ्यास करते हैं। मगर सामान्य परिवार के खिलाड़ी पूरी खराब गेंद से अभ्यास करते हैं। कुछ ऐसे ही हालत फुटबॉल, हॉकी खिलाड़ियों के साथ हो रहा है। यह खिलाड़ी भी खुद के पैसों से गेंद कर अभ्यास कर रहे हैं। यह हालात स्टेडियम के जिम्मेदार अधिकारियों के सामने हैं।
खिलाड़ी जिलाधिकारी से लगा चुकें हैं गुहार
मुरादाबाद, अमृत विचार: स्टेडियम में अभ्यास करने वाले एथलिट ने पिछले दिनों जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन सौंपा था। जिसमें स्टेडियम जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। तर्क दिया कि स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे काम से मैदान में हैंडबॉल मैदान का निर्माण हो रहा है। बाक्सिंग रिंग समेत अन्य काम हो रहा है। जिससे खिलाड़ी को अभ्यास के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेडियम की ओर से सभी खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर फिर भी किसी खिलाड़ी को सामान नहीं मिल रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। - प्रेम कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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