बरेली: फाल्ट ठीक न होने के पीछे नई कहानी... शटडाउन के लिए भी देने पड़ते हैं पैसे

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Edited By Amrit Vichar
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बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की हद, महानगर सबस्टेशन के कई कर्मचारियों ने एसएसओ के खिलाफ की लिखित शिकायत

बरेली, अमृत विचार। बिजली की लाइनों में फाल्ट होने के बाद क्यों लंबे-लंबे समय तक ठीक नहीं हो पाते हैं, उसके पीछे अब एक नई कहानी सामने आई है। महानगर सबस्टेशन के कई कर्मचारियों ने लिखित तौर पर शिकायत की है कि एसएसओ की ओर से शटडाउन के लिए भी पैसे मांगने की वजह से वे फाल्ट ठीक नहीं कर पा रहे हैं। शिकायत ऊपर तक पहुंच गई है, लेकिन उच्चाधिकारियों की एसएसओ पर ऐसी छत्रछाया है कि न उसके खिलाफ कार्रवाई हो रही है न उसकी हरकतों पर लगाम लग रही है।

बिजली विभाग में भ्रष्टाचार पहले से कोई दबी-छिपी बात नहीं है। नीचे से ऊपर तक कितने मामले हैं जिनकी जांच तक पूरी होने में नहीं आ रही है लेकिन अब यह भ्रष्टाचार सीधे-सीधे आम लोगों से उगाही तक पहुंचने लगा है। फाल्ट ठीक करने या ट्रांसफार्मर बदलने के लिए लोगों से उगाही की शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने का नतीता है कि अब सबस्टेशन से शटडाउन देने के लिए भी पैसे मांगे जाने लगे हैं। चूंकि ये शिकायतें विभाग के ही कर्मचारी कर रहे हैं, लिहाजा यह कहने की भी गुंजाइश नहीं बची है कि दबाव बनाने के लिए आम लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं।

महानगर सबस्टेशन के एसएसओ नितेश शर्मा के खिलाफ सबस्टेशन पर ही तैनात संविदा कर्मचारी मुनीश पटेल, रेहान खान, कपिल, ओमपाल, साजिद खां आदि ने शिकायत की है। जेई पंकज शर्मा को दी गई दूसरी लिखित शिकायत में इन कर्मचारियों का कहना है कि इलाके में कहीं भी फाल्ट होने के बाद वे उसे ठीक करने के लिए जब भी एसएसओ से शटडाउन मांगते हैं तो एसएसओ उनसे पैसे की डिमांड करते है। पैसे न देने पर नौकरी से निकलवा देने की धमकी देते हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि एसएसओ अपने लिए चाय-पानी भी उनसे मंगाते हैं। कहते हैं कि फाल्ट ठीक करने के तो पैसे मिलते हैं। शिकायत करने पर जेई का भी ट्रांसफर कराने की धमकी देते हैं। जेई पंकज शर्मा ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की शिकायत पर जांच कराई जा रही है। उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।

कहानी साफ है... फाल्ट ठीक न होने से पूरे-पूरे दिन जूझती है पब्लिक

सुभाषनगर में 30 घंटे
1- पिछले महीने सुभाषनगर इलाके में बंच केबिल जल जाने के बाद 30 घंटे तक बिजली गुल रही थी। भीषण गर्मी में परेशान लोगों ने सबस्टेशन का घेराव किया, तब कहीं फाल्ट ठीक किया गया था।

2- किला में भी लगे 10 घंटे
किला इलाके में रविवार की सुबह अंडरग्राउंड केबल जल जाने से बिजली गुल होने के बाद फाल्ट ठीक करने में 10 घंटे से ज्यादा समय लग गया था। सुबह 10 बजे गुल हुई बिजली शाम सात बजे आई।

3- रामगंगा विहार भी त्रस्त
रविवार की ही रात हरुनगला से जुड़ी कॉलोनी रामगंगा विहार में सीवर लाइन के लिए खुदाई से केबल कट गई। पूरी रात बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई। सुबह कर्मचारियों ने फाल्ट को ठीक किया।

एक्सईएन बोले- एसई को पहले भी लिख चुके हैं, अब फिर करा दिया है अवगत
अधिशासी अभियंता गौरव शुक्ला का कहना है कि महानगर सबस्टेशन के स्टाफ की शिकायत पर जांच कराई जा रही है। हालांकि पहले भी उसके खिलाफ शिकायत आई थी जिस पर उसे हटाने के लिए एसई शहर को उन्होंने पत्र भी लिखा था लेकिन उन्होंने उसे नहीं हटाया। अब उन्होंने फिर अधिकारियों को अवगत करा दिया है। उधर, आरोपी एसएसओ नितेश शर्मा का कहना है कि संविदा कर्मचारियों के आरोप पूरी तरह गलत हैं। अधिकारियों से झूठी शिकायत की गई है।

जनप्रतिनिधि बार-बार उठाते हैं सवाल, मगर बस किसी का नहीं चलता
बिजली विभाग की व्यवस्था जनप्रतिनिधियों के काबू से भी बाहर निकल गई है। रविवार को ही हुई बैठक में दोनों सांसदों के साथ विधायकों ने भी बिजली विभाग पर ऐसे ही तमाम सवाल दागे थे। इससे पहले भी कई बार अफसरों को कठघरे में खड़ा किया जा चुका है लेकिन व्यवस्था सुधरने में ही नहीं आ रही है। इस साल तो गर्मी में बिजली विभाग की अव्यवस्था के सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। खुद विधायकों का कहना है कि इस बार जिले में जिस तरह का बिजली संकट रहा, वह अभूतपूर्व है।

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