हरदोई : राम के रास्ते पर रहमान ने बिछाए फूल, पिहानी ने फिर लिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब की इबारत

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, हरदोई । "मेरे तन के हर हिस्से पर हिन्दुस्तान लिख देना, कहीं राम लिख देना, कहीं रहमान लिख देना"। पिहानी के मुसलमानो की टोली ने भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पैदल जा रहे कांवरियों के रास्ते पर फूल बरसाते हुए कुछ इसी तरह का पैग़ाम दिया।

पिहानी के बारे में कहा जाता है कि इसकी पनाह में रहने वाले किसी से बैर नहीं रखते बल्कि हर मज़हब-ओ-मिल्लत के लोग एक दूसरे की खुशी में बराबर से शरीक होते हैं। आपसी मोहब्बत और भाईचारे का ऐसा नज़ारा उस वक्त देखने को मिला, जब गोला गोकर्णनाथ के शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कावंरियों का जत्था पैदल जा रहा था और मुसलमानों की टोली है उनके आगे-आगे फूल बरसा रही थी।

बताया गया है कि ग्राम पंचायत नेदुरा के एक सैकड़ा से अधिक कावंरियों का जत्था मेहंदी घाट से गंगाजल लेने के लिए पैदल गया हुआ था। उसके बाद कांवरिए गोला गोकर्णनाथ के शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। श्रावण महीने में जल चढ़ाने के लिए रवाना हुए कांवरियों का जत्था जैसे ही कस्बे में दाखिल हुआ, वहां पहले से मौजूद मुसलमानों की टोली ने उन शिव भक्तों के ऊपर से गुलाब के फूल बरसाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं पैदल चल रहे कांवरियों को जलपान भी कराया गया।

कावंरियों के लिए पलक पांवड़े बिछाने वालों में पूर्व प्रधान सगीर खान, सज्जाद खान, मोहम्मद रज़ा ज़ैदी मोहल्ला लोहानी, नौशाद खा सईक खान, मुईन खान नेदुरा, गुड्डू राठौर, पम्मू सिंह, समाजसेवी सुधीर गुप्ता, जोगराज सिंह, लकी शर्मा, पूर्व प्रधान कासिम, पुत्तू करीमनगर, छोटे कोटेदार नेंदुरा, बिषद मिश्रा, विशेष मिश्रा उर्फ टिंकू, डीके वर्मा पूर्व प्रधान प्रतिनिधि कुईयां, विनोद,किसान नेता सत्यवीर सिंह रिंकू आदि लोगों ने कांवरियों को जलपान कराने में सहयोग किया।

सभी करें सभी धर्मों का सम्मान

नेंदुरा के पूर्व प्रधान सगीर ने कहा कि सौ किलोमीटर से भी ज़्यादा नंगे पांव चलकर आना और उसके साथ ही गंगाजल कंधों पर रखकर मंदिर पहुंचना कोई आसान काम नहीं है। शिव भक्त ऐसा स्वागत पाने के काबिल हैं। मोहम्मद रज़ा ज़ैदी ने भी कांवरियों पर फूल बरसा कर स्वागत किया था और उन्होंने बताया कि ऐसे समय में जब हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच में मतभेद बढ़ रहा है उनका ऐसा करने का मूल उद्देश्य यह था कि हम सब एक हैं और धर्मों को लेकर मतभेद न हो, सभी को सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए।

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