Kanpur: माघ मेले में नहीं पड़ेंगे टेनरियों में ताले, वाजिदपुर में बनकर तैयार हुआ 20 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में माघ मेले में नहीं पड़ेंगे टेनरियों में ताले।

कानपुर में माघ मेले में टेनरियों में ताले नहीं पड़ेंगे। वाजिदपुर में बनकर 20 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हुआ। क्लोरिनेशन और ट्रीटेड एफल्यूंट पंप हाउस भी बन कर तैयार है।

कानपुर, अमृत विचार। प्रयागराज का कुंभ मेला हो, या माघ मेले का गंगा स्नान हो हर बार शहर में जाजमऊ और आस-पास की टेनरियों को बंद करना पड़ता है, लेकिन अब इस सिलसिले पर रोक लग जाएगी। क्योंकि जाजमऊ के वाजिदपुर में 20 एमएलडी के ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का कार्य पूरा हो गया है। यहां सिर्फ टेनरियों का पानी शोधित किया जाएगा। दूषित पानी को अब पूरी तरह से ट्रीट कर गंगा नदी में छोड़ा जाएगा।

एसटीपी के बनने के बाद टेनरियों को बंद नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सीवर शोधन के लिए जाजमऊ में बन रहे 130 और 43 एमएलडी के एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया गया है। यहां क्लोरिनेश और ट्रीटेड एफल्यूंट पंप हाउस भी बनकर तैयार है। 

दिसंबर माह में माघ मेले के सभी स्नान पर्वों से पहले जाजमऊ और आसपास की तमाम टेनरियों व कारखानों को बंद कर दिया जाता है। टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषणकारी व रंगीन उत्प्रवाह गंगा को दूषित करते हैं। जाजमऊ एसटीपी के पूरी तरह से संचालित न होने की वजह से ही प्रशासन को टेनिरियों को बंद करने के आदेश देने पड़ते हैं।

इससे गंगा में जा रहा प्रदूषण तो रुक जाता है, लेकिन टेनरी मालिकों और वहां कार्य कर रहे मजदूर व कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। इसी समस्या को रोकने के लिए जाजमऊ में जटेटा (जाजमऊ टेनरी एफल्यूएंट ट्रीटमेंट एसोसिएशन) द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित 20 एमएलडी सीईटीपी का भी निर्माण किया किया गया है। यह कार्य पूरा हो गया है। जटेटा के निदेशक रिजवान नादरी ने बताया कि यह भी कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही इसे चालू कराया जाएगा।

‘यहां 130  तथा 43 एमएलडी एसटीपी का काम पूरा हो गया है। 130 एमएलडी एसटीपी के नए क्लोरिनेशन सिस्टम और ट्रीटेड एफल्यूंट पंप हाउस (अपशिष्ट जल ट्रीटमेंट प्रक्रिया) का काम भी लगभग पूरा हो गया है। अब इसे पूरी क्षमता से चलाया जा सकेगा। इसके साथ ही जटेटा भी 20 एमएलडी का प्लांट बना रहा है।- ज्ञानेंद्र चौधरी, परियोजना प्रबंधक जलनिगम 

इन स्नान पर्वों पर होती बंदी

मकर संक्रांति स्नान, पौष पूर्णिमा स्नान, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी स्नान, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि पर्व पर स्नान होने के कारण रोस्टर के हिसाब से टेनरियां दिसंबर से मार्च की शुरुआत तक बंद करनी पड़ती हैं।

 

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