रायबरेली : सीएचसी में नहीं हैं महिला चिकित्सक, निजी नर्सिंग होम जाने को महिलाएं मजबूर 

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Edited By Amrit Vichar
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शिवगढ़/ रायबरेली, अमृत विचार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में सुविधाओं का टोटा है। वहीं पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। यहां तक कि महिलाओं को इलाज कराने के लिए विवश होकर निजी नर्सिंग होमों का सहारा लेना पड़ता है। इसकी वजह किसी भी महिला चिकित्सक की तैनाती का ना होना है। हर दिन करीब 80 से 90 महिलाएं सीएचसी इलाज कराने पहुंचती हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं होने के कारण मायूस होकर लौट जाती हैं। इतना ही प्रसव कराने की जिम्मेदारी भी स्टाफ नर्स के भरोसे है। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में उनके जान तक पर बन आती है।

करीब सवा लाख आबादी वाले शिवगढ़ क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान समय में एक भी महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं है, जिसके चलते अस्पताल में आने वाली महिलाएं महिला रोग से सम्बन्धित बातें पुरुष चिकित्सकों के समक्ष खुलकर नहीं बोल पाती। लिहाजा उन्हें इलाज के लिए अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होमों का सहारा लेना पड़ता है।

क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता नन्दकिशोर तिवारी, अजय कुमार, जिला पंचायत सदस्य अंजली पासी, सभासद उमेश कुमार आदि लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग की है। आंकड़ों की माने तो शिवगढ़ नगर पंचायत में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 50 से 100 महिला ओपीडी होने के साथ ही पुराने पर्चों को मिलाकर 200 से 250 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। वहीं करीब पांच से छह प्रसव प्रतिदिन कराए जाते हैं। इसके बावजूद महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। 

सीएचसी अधीक्षक डा.अमित सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. सुनीता कुमारी तैनात थी, जिनका 1 जुलाई 2023 को लखनऊ स्थानांतरण हो गया है। इसके बाद से अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक नहीं है।

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