Chitrakoot News: विजिलेंस टीम के छापे के दौरान हृदयगति रुकने से वृद्ध की मौत, परिजनों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में विजिलेंस टीम के छापे के दौरान हृदयगति रुकने से वृद्ध की मौत।

चित्रकूट में विजिलेंस टीम के छापे के दौरान हृदयगति रुकने से वृद्ध की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। विजिलेंस टीम ने आरोप को गलत बताया।

चित्रकूट, अमृत विचार। बिजली विभाग की विजिलेंस टीम के छापे के दौरान एक वृद्ध की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि टीम के उत्पीड़न, व्यवहार और धक्कामुक्की की वजह से वृद्ध की हृदयगति रुक गई। उधर, टीम के सदस्यों ने इससे इंकार किया है।

मामला भरतकूप थाना अंतर्गत खुमानी पुरवा का है। मंगलवार की सुबह यहां बिजली विभाग की विजिलेंस टीम अवैध कनेक्शनों और बकाया वसूली को लेकर निरीक्षण पर गई थी। बताया जाता है कि एक घर में जब टीम के सदस्य घुसे तो वहां वृद्ध बच्छराज द्विवेदी (65) पुत्र देवराज ने यह कहकर टीम को रोका कि घर में बहू-बेटियां हैं।

मृतक के पौत्र अरविंद ने आरोप लगाया कि उसके परिवार का लाइनमैन विक्रम यादव से विवाद है। इसी वजह से उसने जेई से मिलकर घर में छापा डलवाया है। उसने बताया कि घर में न तो फर्जी कनेक्शन है और न कटिया। घर में पुलिसवाले और जेई पहुंचे और कमरों में घुसने लगे। महिलाओं के होने की वजह से दादा बच्छराज ने रोका तो धक्कामुक्की कर दी।

उसने आरोप लगाया कि इससे उनका मसाला पीसने वाली सिलौटी से सिर टकरा गया और इसके बाद उनका हार्टफेल हो गया। उसने यह भी बताया कि इसके बाद पूरी टीम के सदस्य वहां से भाग गए।

महिलाओं ने कहा, जबर्दस्ती अंदर गए 

उधर, वृद्ध की मौत से घर में रोनापीटना शुरू हो गया। घर की महिलाएं रोते हुए कह रही थीं कि कहा था कि घर में कुछ नहीं है अंदर कोई नहीं है पर जबर्दस्ती ये लोग अंदर गए। किसके कहने पर आए ये लोग। आपके मन का तो हो गया। इन लोगों ने थाने में तहरीर देने की भी बात कही। 

धमकाने की वजह से हुई मौत

मृतक के पौत्र ने आरोप लगाया कि विजिलेंस टीम के सदस्य यह धमकी दे रहे थे कि अगर अंदर नहीं जाने दिया गया तो जेल भेज देंगे। इसी वजह से वृद्ध की हृदयगति रुकने से मौत हो गई।

महिला कांस्टेबल भी नहीं होती टीम में

गौरतलब है कि विजिलेंस टीम में महिला कांस्टेबल न होने से अक्सर महिलाओं से अभद्रता की शिकायतें आती हैं। टीम के सदस्यों के उपभोक्ताओं के घरों में घुसने पर महिलाएं पुरुषों को अंदर आने से मना करती हैं और ऐसे में कई बार अप्रिय स्थिति भी बन जाती है। इस संबंध में विजिलेंस टीम के प्रभारी एसआई नीरज यादव ने बताया कि कई बार लखनऊ को इसके लिए लिखा जा चुका है पर अभी तक महिला कांस्टेबिल नहीं मिलीं। उन्होंने माना कि इससे कई बार विजिलेंस टीम को दिक्कत होती है और टीम में महिला कांस्टेबल को होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विजिलेंस टीम में उनके अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मी होने चाहिए पर अभी उनको मिलाकर कुल तीन लोग हैं।  

बड़ी मछली पर हाथ डालने से डरती है टीम

उधर, लोगों ने नाम छिपाते हुए आरोप लगाया कि विजिलेंस टीम अक्सर किसानों और ग्रामीणों के यहां ही छापेमारी करके अपना कर्तव्य पूरा कर लेती है। अक्सर बड़े बकायेदार इनकी पकड़ और पहुंच से दूर रहते हैं। हालांकि इस संबंध में टीम प्रभारी का कहना था कि वे लोग जानकारी करते रहते हैं और जहां भी बिजली चोरी का पता चलता है, छापा डालते हैं। 

क्या कहते हैं जिम्मेदार

किसी के साथ धक्कामुक्की नहीं की गई। पुलिस तो घर के अंदर भी नहीं गई। हम लोग आसपास चेकिंग कर रहे थे। आसपास के लोगों ने भी बताया कि वृद्ध हृदयरोगी था। छापे के दौरान वृद्ध के हाथपैर कांपे तो उसको हम लोगों ने चारपाई में बैठाया और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। धमकाने व अन्य आरोप गलत हैं।- टीम प्रभारी एसआई नीरज यादव

टीम दो हिस्सों में बंटकर गांव में जांच कर रही थी। किसी से कोई अभद्रता नहीं की गई। लाइनमैन ने वृद्ध से यह कहा था कि चलिए मीटर दिखा दीजिए। इस बीच वृद्ध की तबीयत खराब हो गई। किसी ने उनसे किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया।- जेई अनिल कुमार

जहां तक मुझे जानकारी है, टीम ने किसी से कोई अभद्रता या ज्यादती नहीं की। वृद्ध हार्ट पेशेंट थे, ऐसी जानकारी मिली है। टीम ने एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल भी भेजा। पूरे मामले की जानकारी कर रहा हूं और अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी।– अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार

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