बरेली: पॉश कॉलोनियों से कुत्तों को पकड़ने का सच कागजों में छिपा
फर्जी फोटो और शिकायतकर्ता का फोन नंबर देकर ग्रीन पार्क में कुत्तों के आतंक की शिकायत का कर दिया निस्तारण
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के सिस्टम के बेलगाम हो जाने की मिसाल बार-बार सामने आ रही है। हालत यह है कि आईजीआरएस पोर्टल पर जिन शिकायतों पर खुद मुख्यमंत्री की निगरानी का दावा किया जाता है, उनका भी फर्जी निस्तारण किया जा रहा है। ग्रीन पार्क में कुत्तों के आतंक की शिकायत काे भी ऐसे ही निपटाने का मामला प्रशासन के पास पहुंचा है। नगर निगम के स्टाफ ने कहीं और का फोटो अपलोड कर इस शिकायत को निस्तारित दिखा दिया। शिकायतकर्ता से बात किए बगैर उसका फोन नंबर भी रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया।
ग्रीन पार्क कॉलोनी में पिछले दिनों उप परिवहन आयुक्त संजय सिंह के आवारा कुत्तों के हमले में घायल हो जाने के बाद कॉलोनी के ही मनोज शर्मा ने आईजीआरएस पोर्टल पर यह शिकायत की थी। उन्होंने इसमें कहा था कि ग्रीन पार्क में आवारा कुत्तों की संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। इससे कॉलोनी की सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। अक्सर कुत्ते राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ने से कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। कॉलोनी के पार्क को भी वे गंदा करते हैं। मनोज ने कॉलोनी से आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग आईजीआरएस पर की थी।
नगर निगम ने पोर्टल पर इस शिकायत के निस्तारण का दावा करते हुए अपनी टिप्पणी में लिखा कि ग्रीन पार्क में 11 और 14 जुलाई को दो बार अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा गया और उनका बधियाकरण कर उन्हें फिर उसी जगह छोड़ दिया गया। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी की ओर से शिकायत के निस्तारण पर लिखी गई इस टिप्पणी के साथ शिकायतकर्ता का फोन नंबर भी दिया गया। दावा किया गया कि समस्या के निस्तारण से शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट है।
शिकायत के निस्तारण का यह फीडबैक जब मनोज शर्मा को दिया गया तो वह आश्चर्य में पड़ गए। उन्होंने अब डीएम से की लिखित शिकायत में इस निस्तारण को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने कहा है कि नगर निगम ने शिकायत के निस्तारण के दावे के साथ जो फोटो लगाया है, वह ग्रीन पार्क का ही नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि नगर निगम की टीम ने उनसे संपर्क किए बगैर उनके फोन नंबर के साथ उनका फर्जी फीडबैक भी डाल दिया है। डीएम ने मनोज शर्मा का पत्र इस निर्देश के साथ नगर आयुक्त को भेज दिया है कि उनकी शिकायत का फिर निस्तारण कराया जाए।
ऐसी ही डेढ़ सौ और भी शिकायतें
डीएम के पास आईजीआरएस पोर्टल पर की गई नगर निगम की करीब डेढ़ सौ और शिकायतें पहुंची हैं जिनमें शिकायत करने वालों ने असंतुष्ट होने का फीडबैक दिया है। इन शिकायतों का भी फर्जी निस्तारण किया गया है। डीएम ने नगर निगम को इन शिकायतों का भी ब्यौरा भेजा है।
नगर निगम की ओर से काम करने के बजाय समस्या को शब्दों और तकनीकी कारणों में उलझाया जा रहा है। कुत्ते अब भी हमलावर हो रहे हैं लेकिन अफसरों को समाधान की चिंता नहीं है। वे सिर्फ कागजों का पेट भर रहे हैं। - मनोज शर्मा, डीएम को लिखी चिट्ठी में
ग्रीन पार्क के मामले में शिकायतकर्ता से मिले बिना फीडबैक देने के मामले को दिखवाएंगे। जिन कुत्तों काे बधिया कराया जाता है, उनके बाएं कान में कट लगाया जाता है- डॉ. आदित्य तिवारी, पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम।
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