Kanpur Mayor प्रमिला पांडेय बोलीं- नगर निगम में कुछ भी ठीक नहीं, कूड़ा गाड़ियां कबाड़ पर भ्रष्टाचार में चल गया जुगाड़
कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि नगर निगम में कुछ भी ठीक नहीं।
कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि नगर निगम में कुछ भी ठीक नहीं। 8 करोड़ रुपये से खरीदीं कूड़ा गाड़ियों की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम ने खराब कूड़ा गाड़ियां बिना जांच के ही वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए भेज दी हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि यह गाड़ियां रास्ते में ही जवाब दे जा रही हैं। गाड़ियों के रिम घटिया हैं, जो कूड़ा भरते ही बैठ जा रहे हैं। बता दें कि नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में इन्हीं कूड़ा गाड़ियों (रिक्शा) की गुणवत्ता को लेकर हंगामा हुआ था, यहां तक कि बैठक को बीच में रुकवाकर गाड़ियां मुख्यालय तक मंगाई गईं थीं। जिसके बाद में महापौर ने जांच भी बैठा दी थी।
8 करोड़ रुपये से खरीदी गईं कूड़ा गाड़ियां
नगर निगम को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 32 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से आठ करोड़ रुपये से अधिकारियों ने कूड़ा ढ़ोने के लिए 1800 रिक्शा और 2500 हाथ कूड़ा गाड़ियों को खरीदा। आरोप है कि कूड़ा रिक्शा की गुणवत्ता बहुत खराब है, इसके बाद भी अधिकारियों ने रिक्शे को खरीदने की अनुमति दी। जिसके रिम, टायर और बॉडी की गुणवत्ता खराब है।
4 जून को ही खुल गया था भ्रष्टाचार
नगर निगम में 4 जून को हुई पहली कार्यकारिणी बैठक के बीच में ही सदस्यों ने कूड़ा गाड़ी खरीद में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद नगर निगम अधिकारियों और सदस्यों के बीच गहमा-गहमी हुई थी। मामला बढ़ा तो महापौर प्रमिला पांडेय ने बीच बैठक में ही कूड़ा गाड़ियां मुख्यालय मंगवा ली थीं। नगर निगम अधिकारियों के साथ कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक गुप्ता ‘मोनू’ , पवन गुप्ता ने गाड़िया देखीं और गुणवत्ता पर सवाल उठाए, अधिकारियों के सामने ही कहा कि गाड़ियों की खरीद में भ्रष्टाचार हुआ है।
जांच की बात भी बेमानी
हंगामा बढ़ता देख महापौर ने कहा था कि इसके लिए वर्कशॉप प्रभारी दोषी हैं। उन्होंने गाड़ियों की जांच के आदेश दिए, और कहा कि जांच थर्ड पार्टी एजेंसी से होगी, गाड़ियों की खरीद में भ्रष्टाचार किया गया है। लेकिन, यह सब होने के बाद बिना जांच ही गाड़ियों को वार्डों में भेज दिया गया। जिसकी जानकारी महापौर को भी नहीं है, जो अब सवालों के घेरे में है।
यह सब अधिकारियों की मिलीभगत है। मैंने कूड़ा गाड़ियों की जांच के आदेश दिए थे। आपके द्वारा पता चला कि वार्डों में गाड़ियां भेज दी गईं। आज ही नगर आयुक्त से पूछती हूं।- प्रमिला पांडेय, महापौर
