Jalaun: मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

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Edited By Amrit Vichar
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जालौन में मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास सुनाई सजा।

जालौन में मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास सुनाई सजा। इसके साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

जालौन, अमृत विचार। एट रिश्तेदारी में आए युवक ने पड़ोस की ही एक सात वर्षीय मासूम के साथ वर्ष 2019 में दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। रोती बिलखती मासूम अपने घर पहुंची तो परिजन देखकर दंग रहे गए। फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया।

इसके बाद मासूम की पहचान पर ही रिश्तेदारी में आए युवक पर पुलिस ने पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया था। इस मामले में चली सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर दोषी को न्यायाधीश ने आजीवन सश्रम कारावास के साथ ही 20 हजार रुपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई।

दुष्कर्म के मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि एट कोतवाली में 6 फरवरी 2019 को 7 साल की मासूम बच्ची के साथ झांसी जनपद के सीपरी बाजार थाना अंतर्गत आने वाले नंदनपुरा निवासी रोहित ढीमर पुत्र महादेव ने दरिंदगी की थी। इस मामले में मासूम बच्ची के पिता ने 7 फरवरी 2019 को एट कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ 376 (AB) आईपीसी व 5M/6 पॉस्को एक्ट में मामला पंजीकृत करने के बाद पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया था। इसी के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी द्वारा की गई थी। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र 27 मई 2019 को विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट न्यायालय में दाखिल किये थे, लगभग 4 साल तक इस मामले की सुनवाई हुई और साक्ष्य तथा गवाहों के आधार पर आरोपी रोहित ढीमर को न्यायाधीश मोहम्मद आजाद ने 376 (एबी) का दोषी मानते हुए प्राकृतिक जीवन काल तक आजीवन सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपए का आर्थिक दंड की सजा सुना दी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया साथ ही उरई जिला कारागार भेज दिया। वहीं आरोपी को सजा मिलने के बाद पीड़िता के परिजन खुश हैं। और उन्होंने कहा कि आज उन्हें न्याय मिला है। जैसी करनी वैसी भरनी।

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