Chitrakoot: जिले में एनडीआरएफ केंद्र के लिए की जाएगी पहल, पयस्वनी में बाढ़ आने से डूबने लगे सरधुवा के ग्रामीण
चित्रकूट में एनडीआरएफ केंद्र के लिए की जाएगी पहल।
चित्रकूट में एनडीआरएफ केंद्र के लिए की जाएगी पहल। पयस्वनी में बाढ़ आने से सरधुवा के ग्रामीण डूबने लगे।
चित्रकूट, अमृत विचार। बुधवार को पयस्वनी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई लोग पानी में फंस गए। गांव के युवकों ने बहादुरी और संयम का परिचय देते हुए कई जान बचा लीं। युवकों की लोगों ने जमकर सराहना की। हकीकत में यह बुधवार को पयस्वनी नदी किनारे की गई माक ड्रिल का अंग था, जिसमें नदियों की तलहटियों में बसे गांवों के लोगों को बाढ़ का सामना करने के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया। एसडीएम प्रमोद झा ने बताया कि जिले में एनडीआरएफ केंद्र की स्थापना के लिए पहल की जाएगी।
एनडीआरएफ के निरीक्षक आरबी गौतम ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए साहस, धैर्य और संयम की जरूरत होती है। एनडीआरएफ वाराणसी की 24 सदस्यीय टीम ने पयस्वनी नदी के तट पर बसे ग्राम सरधुआ के संतोष कुमार, खेल्ला, रामजीवन, विष्णु, संजय, राजू, वकील, लवकुश आदि ग्रामीण युवकों को बाढ़ के समय लोगों को बचाने के लिए प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण का संचालन एनडीआरएफ के आरबी गौतम ने किया। उन्होंने कहा कि प्रधान के माध्यम से खंड विकास अधिकारी को और जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित किया जाए, जिससे एनडीआरएफ के अलावा अन्य बचाव एजेंसियों को समय से बुलाया जा सके। एसडीएम ने आशा जताई कि इस प्रशिक्षण से गांववाले जनजीवन को सुरक्षित करने में मदद करेंगे।
\चित्रकूट, बांदा तथा सीमावर्ती जिलों में एनडीआरएफ या बचाव की कोई एजेंसी न होने के कारण दुर्घटनाओं की जानकारी देते समय बहुत देर हो जाती है। इसलिए जिलाधिकारी के माध्यम से एनडीआरएफ केंद्र की स्थापना करने की बात की जाएगी।
इस अवसर पर तहसीलदार संजय अग्रहरि, क्षेत्राधिकारी निष्ठा उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी संजय मिश्रा, एडीओ पंचायत रूपनारायण सिंह, प्रभारी निरीक्षक सरधुआ दीपेंद्र सिंह, प्रधान कमलेश प्रजापति, एसडीओ विद्युत डीके सिंह, जेई अजीत भट्ट, जीवन सिंह, ओंकार चौहान, सादरे आलम खान, सुशील प्रताप सिंह, कमलेश, सदाशिव सिंह, हारून खान आदि के साथ एनडीआरएफ की टीम व ग्रामीण मौजूद रहे।
... जब रामघाट में भी पलट गई नाव
माक ड्रिल के दौरान नदी में नाव पलटने पर लोगों को बचाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। एनडीआरएफ के लोगों ने समझाया कि किस प्रकार कौशल का प्रदर्शन कर लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से बाहर लाया जाए। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद, अपर जिलाधिकारी, सीओ, तहसीलदार आदि अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को प्रशिक्षण दिया गया।
