देवधर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले Rohan Kunnummal का दिल्ली कैपिटल्स ने लिया ट्रायल 

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Edited By Amrit Vichar
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बेंगलुरु। देवधर ट्रॉफी में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले केरल के सलामी बल्लेबाजी रोहन कुन्नुम्मल ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के ट्रायल में हिस्सा लिया। देवधर ट्रॉफी में दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रोहन ने 62.20 की औसत से 311 रन बनाये।

वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में रियान पराग (354) और मयंक अग्रवाल (341) के बाद तीसरे स्थान पर रहे। कुन्नुम्मल ने इस दौरान 123.90 के स्ट्राइक रेट से रन बनाये जो नियमित बल्लेबाजों में पूर्व क्षेत्र के पराग (136.67) के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट था। इस प्रदर्शन के के बाद दिल्ली कैपिटल्स की ओर से उन्हें अपने शिविर में आमंत्रित किया गया और 25 वर्षीय दाएं हाथ का बल्लेबाज इससे काफी खुश है। 

उन्होंने कहा, दिल्ली कैपिटल्स का प्रशिक्षण शिविर बहुत अच्छा रहा है। यहां, मुझे सौरव गांगुली सर और प्रवीण आमरे सर के साथ बातचीत करने का मौका मिला। वे बहुत मददगार रहे हैं और उन्होंने नेट सत्र के दौरान कुछ तकनीकी पहलुओं में मेरी मदद की है। उम्मीद है कि मेरे करियर में इसका सकारात्मक असर होगा। ’’ रोहन पिछले कुछ सत्र से केरल के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे रहे हैं लेकिन देवधर ट्रॉफी दौरान उन्होंने क्रिकेट जगत ने उन्हें गंभीरता से लेना शुरू किया। 

पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ फाइनल में उनके शतक ने उनके लिए बहुत अच्छा काम किया। उन्होंने कहा,  यह सत्र की वास्तव में अच्छी शुरुआत थी। मैं टीम की सफलता में योगदान देकर खुश हूं, खासकर जिस तरह से दक्षिण क्षेत्र ने सभी छह मैच जीतकर टूर्नामेंट जीता। फाइनल मेरे लिए एक बड़ा अवसर था। मैं हालांकि हर मैच में मुझे उसी अंदाज में बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। रोहन ने देवधर ट्रॉफी के दौरान अपने सीनियर साथी अग्रवाल और इससे पहले भारत की ए टीम में रहने के दौरान चेतेश्वर पुजारा और अभिमन्यु ईश्वरन जैसे खिलाड़ियों का मार्गदर्शन के लिए शुक्रिया किया। 

उन्होंने कहा, ‘‘ मयंक भाई के साथ बल्लेबाजी करना वाकई अच्छा था। मैंने पिछले साल दलीप ट्रॉफी में भी उनके साथ बल्लेबाजी की थी, इसलिए हमें एक-दूसरे के साथ बल्लेबाजी करने का अनुभव है। उन्होंने मेरा बहुत अच्छा मार्गदर्शन किया, मुझे बताया कि प्रत्येक गेंद पर कैसे नजर रखनी है और बीच में मुझे अपने विचारों को नियंत्रित करने में मदद की।’’ उन्होंने ए टीम के साथ अपने समय को याद करते हुए कहा, ‘‘पुजारा सर और अभिमन्यु ईश्वरन भाई को बल्लेबाजी करते देखना एक अनुभव की तरह था। वे अपने खेल के बारे में बहुत स्पष्ट रहते हैं। मैंने उनसे खेल की योजना और उसके लिए तैयारी करना का तरीका सीखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुजारा सर से थोड़ी बातचीत हुई। लेकिन यह खेल के मानसिक पहलू के बारे में अधिक था जैसे कि एकाग्रता और साझेदारी कैसे बनाई जाए।

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