जौनपुर में मनायी गयी महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की 104 वीं जयंती
जौनपुर, अमृत विचार। जिले के सरावां गांव में स्थित शहीद लाल बहादुर गुप्त स्मारक पर शनिवार को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी व लक्ष्मी बाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने भारत को अंतरिक्ष तक पहुंचाने वाले वैज्ञानिक विक्रम अम्बालाल साराभाई की 104 वीं जयंती पर उन्हें याद किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर फूल- माला चढ़ाकर उन्हें याद किया।
लक्ष्मी बाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने शहीद स्मारक पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अहमदाबाद के एक अग्रणी कपड़ा व्यापारी के घर 12 अगस्त, 1919 को को जन्मे श्री साराभाई की गिनती भारत के महान वैज्ञानिकों में की जाती है। वह अपने साथ काम करने वाले वैज्ञानिकों, विशेषकर युवा वैज्ञानिकों को आगे बढ़ने में काफी मदद करते थे। उन्होंने कहा कि श्री साराभाई का भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में काफी योगदान है। सुश्री कौर ने कहा कि उन्होंने इसरो की स्थापना के लिए सरकार को राजी किया था । उन्होंने तिरुवनंतपुरम के थुंबा गांव में से 21 नवंबर 1963 को एक छोटा राकेट लांच किया था, बाद में इस प्रक्षेपण स्थल का नाम विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर रखा गया। देश के कई अहम संस्थाओं की स्थापना मैं उनका योगदान रहा। उन्होंने 15 अगस्त 1969 को इंडियन स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) की स्थापना की।
भारत सरकार ने 1966 में उन्हें पद्मभूषण और 1972 में पद्म विभूषण (मरणोपरांत) प्रदान किया ।श्री विक्रम साराभाई का महज 52 साल की उम्र में 30 दिसंबर, 1971 को तिरुवनंतपुरम में निधन हो गया। इस अवसर पर डॉ. धरम सिंह , मैनेजर पांडेय , अनिरुद्ध सिंह , दिशा , मंजीत कौर सहित अनेक लोग मौजूद रहे ।
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