बरेली: जहाज उड़ाने से पहले हवाई पट्टी जांचने को दौड़ेगी स्वीडिश कार

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बरेली,अमृत विचार। बीते माह केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के फिसलने के कारण हुई बड़ी दुर्घटना देखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकारण ने अब हवाई अड्डों की रनवे टेस्टिंग नई तकनीक से कराने का निर्देश जारी किया है। इसके चलते अब सिविल एन्क्लेव में विमान सेवा शुरू करने से पहले हवाई पट्टी की …

बरेली,अमृत विचार। बीते माह केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के फिसलने के कारण हुई बड़ी दुर्घटना देखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकारण ने अब हवाई अड्डों की रनवे टेस्टिंग नई तकनीक से कराने का निर्देश जारी किया है। इसके चलते अब सिविल एन्क्लेव में विमान सेवा शुरू करने से पहले हवाई पट्टी की जांच कराने के लिए स्वीडिश कार को टेस्टिंग के लिए रनवे पर दौड़ाया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया ने योजना तैयार कर ली है। इसके माध्यम से अलग-अलग स्पीड में स्वीडिश कंपनी फ्रिक्शन टेस्ट कार चलाकर रनवे की गुणवता को परखेगी।

सिविल एयरपोर्ट के रनवे स्वीडिश कार की टेस्टिंग में पता चलेगा कि विमान उतरते समय कंपन और फिसलन कितना होता है, क्योंकि दोनों चीजे सामान्य से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर रनवे पर बारिश का पानी पड़ता है तो फिसलन नहीं होना चाहिए। रनवे पर स्वीडिश कार के दौड़ते समय आटोमेटिक यंत्र से रनवे पर लगातार फब्बारा के माध्यम से पानी फेंका जाता है। इस दौरान कार का ब्रेक लगाकर फिसलन को चेक किया जाता है। इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकारण दिल्ली से आना है।

यह कार जीपीएस सेटेलाइट एवं अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इसकी कीमत पांच करोड़ 60 लाख रुपये है। गियरलैस स्वीडिश कार देश में दो हैं, जिसे रनवे टेस्टिंग के लिए खरीदा गया है। इसे लाने और ले जाने के लिए बड़े मालवाहक वाहनों का उपयोग किया जाता है। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो जिन हवाई अड्डों का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो जाता है। वहां तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। सिविल एन्क्लेव कार्य को तेजी से पूरा करने में जिम्मेदार जुट गए हैं।

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