UP: दुश्मनों के लिए काल बनकर आई Machine Pistol, पहली बार आम लोगों ने देखा, सेना की टेस्टिंग में भी पास, जानें- खासियत
कानपुर में दुश्मनों के लिए काल बनकर आई मशीन पिस्टल।
कानपुर में दुश्मनों के लिए काल बनकर मशीन पिस्टल आई। प्रदर्शनी में पहली बार आम लोगों ने देखा। वहीं, सेना की टेस्टिंग में भी पास हो चुकी।
कानपुर, अमृत विचार। सेना के साथ गोरिल्ला युद्ध कर रहे दुश्मनों की अब खैर नहीं। दुश्मनों का काल बनकर सामने आ गई है ‘मशीन पिस्टल’। खास बात यह है कि देखने में अत्याधुनिक मशीन गन की तरह भारी यह मशीन पिस्टल सिर्फ 2.38 किलोग्राम की है। हल्की इतनी एक बच्चा भी आसानी से उठा सकता है। मारक इतनी कि एक बार में एक मिनट में एक गोली के साथ 8 सौ गोलियां भी चलाने में यह सक्षम है।
अर्मापुर के स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री ग्राउंड में चल रही प्रदर्शनी में रविवार को पहली बार ‘मशीन पिस्टल’ को आम लोगों के बीच लाया गया है। यह पिस्टल सेना की टेस्टिंग में पास हो चुकी है। जानकारी दी गई कि जल्द ही इसे सेना के लिए बनाना शुरू कर दिया जाएगा। सौ मीटर रेंज की मारक क्षमता रखने वाली यह पिस्टल जरूरत के अनुसार छोटी या बड़ी की जा सकती है।
इसके अलावा इस पिस्टल को किसी भी मौसम में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। विशेष धातु से बनी इस पिस्टल को माइनस 20 डिग्री की कड़ाके की ठंड में और 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में भी आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है। प्रदर्शनी के दौरान जब इस पिस्टल को रखा गया तो हथियारों के शौकीनों की यह पहली पसंद बनी। आम लोगों ने इस पिस्टल को पकड़कर देखा। इसके अलावा पिस्टल के पास खड़े अधिकारियों से इसकी खासियत भी समझी।
ये तो वहीं हैं जो मोबाइल गेम में होते हैं
प्रदर्शनी के देखने आए परिवारों के साथ बच्चों का खास रुझान हथियारों की ओर दिखा। बच्चे हथियारों के पास जाकर उसे छूकर देख रहे थे। इसके साथ ही वे प्रदर्शनी में लगे हथियारों को मोबाइल गेम से भी तुलना कर रहे थे। प्रदर्शनी में सारंग तोप को देख अर्मापुर में ही रहने वाले विपुल तिवारी के पुत्र रजनीश ने अपने पापा से कहा कि पापा ये तोप तो वही है जो हम गेम में देखते हैं। उधर गोविंद नगर से परिवार संग प्रदर्शनी में आए विजेन्दर सिंह की बेटी सुगंधा ने प्रदर्शनी में लगे हथियारों के अलावा और भी हथियार देखने की जिद की।
इन हथियारों का क्रेज
प्रदर्शनी में लगभग 50 से अधिक हथियारों को प्रदर्शन के लिए रखा गया। इन हथियारों में रिवॉलवर, एलएमजी,कार्बाइन, मशीन गन, पिनाका रॉकेट, सारंग तोप, धनुष तोप के प्रति लोगों का खास रुझान रहा। प्रदर्शनी के संयोजक अरुण कस्तवार, अनुज तिवारी और विनय अवस्थी ने बच्चों को रक्षा उपकरणों की बारीक जानकारी दी। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से पंचरतन सिंह, वेदव्यास मणि, आफताब अहमद, पंकज यादव, छून्ना कश्यप, अमर सिंह, धर्मेंद्र सिंह,रामप्रताप सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
