बायोमेट्रिक अटेंडेंस की विषमता निजीकरण को बढ़ावा : प्रो. पीके
उ.प्र. विश्वविद्यालय, महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने जताया विरोध
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के आह्वान पर एमडीपीजी कालेज के शिक्षकों ने गुरुवार को अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था को निजीकरण का बढ़ावा बताया। विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ के महामंत्री प्रो. पीके सिंह ने कहा कि विरोध बायोमैट्रिक अटेंडेंस की अनिवार्यता से नहीं बल्कि इसे विषमता पूर्वक लागू करने को लेकर है।
यदि गैर सहायता प्राप्त महाविद्यालय इसके दायरे में नहीं लाए जाएंगे तो सहायता प्राप्त और सरकारी महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति की शर्त के चलते परीक्षा व छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। इसका परिणाम यह होगा कि सहायता प्राप्त एवं सरकारी महाविद्यालयों में अध्ययरत छात्र आने वाले समय में उन महाविद्यालयों में चले जाएंगे जहां यह व्यवस्था नहीं है।
सहायता प्राप्त और सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षक इसका तब तक विरोध करते रहेंगे जब तक कि इसको संविधान की भावना के अनुसार लागू नहीं किया जाएगा। प्रो. अरुण कुमार तिवारी, प्रो. पीयूष कान्त शर्मा, डा. राजवन्त सिंह, प्रो. रमेशचन्द्र शुक्ल, प्रो. निशा सिंह, प्रो. सन्तोष कुमार पाण्डेय, प्रो. माया शंकर, प्रो. ऊषा दूबे, प्रो. उषा तिवारी, डॉ. रंजीत पटेल, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, डॉ. अरुण कुमार वर्मा, डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. कमला कान्त तिवारी आदि मौजूद रहे।
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