बरेली: शीशगढ़ में विवाद में दोनों पक्षों के लोगों पर चार एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली/शीशगढ़, अमृत विचार। शीशगढ़ में आपत्तिजनक धार्मिक पोस्ट को लेकर हुए विवाद में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिसमें दो एफआईआर आपत्तिजनक पोस्ट करने, एक एफआईआर किशोर के घर पर हमला करने और एक एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई। पुलिस ने 35 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। भीड़ के हमले में दरोगा समेत चार लोग घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल कराया गया है।

सुरक्षा की दृष्टि से कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बाजार में शनिवार को डर के चलते सन्नाटा पसरा रहा। डीएम, एसएसपी, एडीएम ई, एसडीएम मीरगंज, बहेड़ी सीओ मीरगंज व बहेड़ी दिन भर शीशगढ़ थाने में बैठकर स्थिति पर नजर रखे रहे। हालांकि माहौल शांतिपूर्ण है। पुलिस खुराफातियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
शीशगढ़ निवासी व्यापारी बाबू गुप्ता और सुजात हुसैन के बेटे एक ही कॉलेज में कक्षा 9 में पढ़ते हैं। 

सुजात हुसैन के बेटे ने एक दिन पहले एक समुदाय के खिलाफ धार्मिक टिप्पणी की थी। इसका ऑडियो वायरल हो गया था, लेकिन तब मामला शांत रहा। शुक्रवार को बाबू गुप्ता के बेटे ने इंस्टाग्राम पर दूसरे समुदाय पर धार्मिक टिप्पणी कर दी। इसका स्क्रीन शॉट शाम तक शीशगढ़ कस्बे में वायरल हो गया। इसके बाद दूसरे समुदाय के हजारों लोगों ने थाने का घेराव करके आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग पर जमकर हंगामा किया था और आरोपी किशोर के घर पर हमला बोल दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने स्थिति संभाली थी।

करीब 36 लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस ने इस प्रकरण में एक एफआईआर इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले किशोर, दूसरी एफआईआर फोन पर धार्मिक टिप्पणी करने वाले किशोर के खिलाफ दर्ज की है। इसके अलावा एक एफआईआर किशोर के पिता की तरफ से भीड़ पर हमला कर घर में घुसने की कोशिश और पथराव की दर्ज की गई है। इसके अलावा एक एफआईआर इंस्पेक्टर शीशगढ़ की तरफ से 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, बलवा, सरकारी काम में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमले समेत अन्य धाराओं में दर्ज की है। 

पुलिस का कहना है कि हमले में एक दरोगा और तीन सिपाही घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल कराया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के करीब 36 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और फोटो के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं जोगीनवादा से हटाकर आरएएफ को भी शीशगढ़ भेज दिया गया है। फिलहाल अब कस्बे में शांति हैं, लेकिन डर के कारण बहुत कम ही लोग बाहर निकल रहे हैं।

छात्रों की जरा सी नादानी से शीशगढ़ कस्बा हुआ बदनाम
शीशगढ़ कस्बा आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता है लेकिन दो छात्रों की नादानी ने शुक्रवार को कस्बे में आपसी सौहार्द को खतरे में डाल दिया। दोनों पक्षों के संभ्रात लोगों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने आपसी सूझबूझ से चिंगारी को धधकने से रोक लिया।

सीओ ने दोनों पक्षों के साथ की बैठक
सीओ डॉ. तेजवीर सिंह ने दोनों समुदायों के संभ्रात लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने लोगों से कहा कि सोशल मीडिया की लत बच्चों का कैरियर बर्बाद कर सकती है। इसलिए सब लोग अपने बच्चों पर नजर रखें कि वे लोग सोशल मीडिया पर क्या कर रहे हैं। सीओ ने इमामों को भी सलाह दी कि मस्जिदों में भी लोगों को समझाएं कि वे लोग कोई ऐसी पोस्ट न करें जिससे शांति भंग होने की संभावना हो। सीओ ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। यदि कोई अभद्र टिप्पणी करेगा तो पुलिस उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को आरएएफ, पीएसी और पुलिस कर्मियों के अलावा कस्बे के संभ्रात लोगों को साथ लेकर फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान सीओ ने दोनों समुदायों के लोगों को सुरक्षा का एहसास दिलाया। इस दौरान चेयरमैन पति हाजी गुड्डू, हाजी अब्दुल सलाम शास्त्री, वसीम अकरम, रामऔतार मौर्य, प्रमोद देवल, रामप्रकाश गुप्ता, सौरभ अग्रवाल, सभासद आबाद हुसैन, कमर अली, अनीस अहमद, डॉ. हाजी आफताब अहमद बबलू मौजूद रहे।

मामले में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पीस कमेटी की बैठक के साथ फ्लैग मार्च किया गया। -राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात

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