कुतुबखाना पुल: पानी के साथ दीमक बनी व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब
बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल निर्माण व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पानी का निकास न होने से नमी बढ़ रही है। इससे दुकानों में दीमक का हमला तेज हो गया है। पुल के पिलरों पर तरी की जा रही है, मगर नालियां चोक होने के कारण पानी जमीन में जा रहा है। इस वजह से भी आसपास की दुकानों में सीलन बढ़ती जा रही है।
कुतुबखाना सब्जी मंडी के पास पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है। नालियां बंद हैं। दुकानदारों का कहना है कि निर्माण के दौरान कई बार पाइप लाइन टूटी तो उसका पानी जमीन के अंदर गया। पुल के पिलरों की तरी की गई तो उसका पानी भी जमीन में गया। बरसात आई तो वह पानी भी जमीन के अंदर गया। इससे नमी बढ़ गई। नमी का माहौल दीमक के पनपने के लिए अनुकूल होता है, जो दीमक नीचे थी, वह ऊपर आ गई। दुकान के फर्नीचर व अन्य सामान में दीमक लग गई। इससे उनका नुकसान हो रहा है। सामान बचाने के लिए उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
इस बार भी त्योहारी सीजन कहीं फीका न हो जाए
व्यापारियों का कहना है कि पिछला त्योहारी सीजन पुल निर्माण की वजह से खाली चला गया। हर तरफ से रास्ता बंद होने के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं आ पाए। इस बार के हालात भी पहले जैसे नजर आ रहे हैं।एक माह बाद सीजन शुरू होने वाला है, मगर बाजार व्यवस्थित नहीं हो पा रहा है।
व्यापारियों का दर्द
दुकान में दीमक लग गई है। आगे से यह दिखाई नहीं देती, लेकिन सामान उठाओ तो पता चलता है कि वह खराब हो रहा है। इसकी रोकथाम के लिए कीटनाशक पर रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।-किशन लाल चावला, किराना व्यापारी
दुकान के अंदर दीमक इतनी ज्यादा हो गई है कि एक जगह सफाई कराओ तो दूसरी जगह एकत्र होकर फैलने लगती है। दीमक खुले रैपर में घुस जाती है। सामान को खराब कर देती है।-संजय आनंद, मेवा व्यापारी
दुकान में कपड़ों के डिब्बे लगे हैं। जब ग्राहकों को कपड़े दिखाने के लिए डिब्बे उठाते हैं तो पता चला है कि उस एरिया में दीमक लग गई है। दुकान का एक हिस्सा साफ कराने की योजना बना रहा हूं।-रूपम, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी
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