बरेली: कायाकल्प योजना से भी नहीं बदली स्कूलों की तस्वीर
बरेली, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं सहित शिक्षण व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कायाकल्प योजना शुरू की गई लेकिन नगर के स्कूलों की दशा में कोई सुधार नहीं आया है। अधिकतर स्कूलों में निर्धारित 19 पैरामीटर पूरे ही नही हैं। कहीं बाउंड्री तो कहीं शौचालय गायब हैं। रसोई घर, स्टोर रूम और भवन भी ठीक नहीं हो पाए हैं।
जिले में 2482 प्राइमरी, कंपोजिट और उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प का काम हो रहा है। योजना के तहत सभी परिषदीय स्कूलों में बालक-बालिकाओं और दिव्यांगों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण कराया जाना था, लेकिन शहर के 80 प्रतिशत स्कूलों में यह सुविधाए नहीं हैं। कक्षों की फर्श पर टाइल्स लगने थे लेकिन यह भी पूरे नहीं हुए।
यह है कायाकल्प के जरूरी 19 पैरामीटर
शुद्ध व सुरक्षित पेयजल, बालक-बालिका का अलग-अलग शौचालय, मूत्रालय, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टिप्ल हैंड वाशिंग यूनिट, कक्षा कक्ष की फर्शों का टाइलीकरण, ब्लैक बोर्ड, रसोई घर, स्कूल की रंगाई पुताई, दिव्यांग सुलभ रैंप, विद्युत वायरिंग व संयोजन, फर्नीचर व डेस्क- बेंच, सबमर्सिबल , सुरक्षित चार दिवारी व मुख्य गेट।
नगर के इन स्कूलों में पैरामीटर पूरे नहीं
रेलवे कॉलोनी स्थित प्राथमिक स्कूल में नौ ही पैरामीटर पूरे हैं। एनई रेलवे, गंगापुर 2, माधवबाड़ी, रोहिली टोला, संदला खां 2, साहूकारा नवीन 1 स्कूलों में 10 से भी कम पैरामीटर पूरे हैं। जबकि नगर के बाकी स्कूलों में इससे कम हैं। वहीं 109 स्कूलों में से सिर्फ 13 स्कूलों में ही निर्धारित पैरामीटर पूरे हैं।
ये भी पढे़ं- बरेली: पेंशन के लिए आठ माह से धक्के खा रहा सेवानिवृत्त दरोगा
