Banda News: कोर्ट ने एक दिन के लिए टाल दी पूर्व सांसद बाल कुमार की जमानत सुनवाई, व्यापारी ने दर्ज कराया था मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में न्यायालय ने एक दिन को टाल दी पूर्व सांसद बाल कुमार की जमानत सुनवाई।

बांदा में न्यायालय ने एक दिन को पूर्व सांसद बाल कुमार की जमानत सुनवाई टाल दी। दस्यु सम्राट ददुआ के भाई पूर्व सांसद के खिलाफ व्यापारी ने तीन साल पहले चार सौ बीसी का मुकदमा दर्ज कराया था।

बांदा, अमृत विचार। दस्यु सम्राट ददुआ के भाई और सपा के पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल को ठगी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जेल भेज दिया था। इस मामले में मंगलवार को जमानत सुनवाई थी जो नहीं हो सकी, क्योंकि बाल कुमार पटेल के अधिवक्ता जवाब की कॉपी देरी से उपलब्ध करा पाये, जिस पर वादी के अधिवक्ता ने आपत्ति जताई और कोर्ट ने सुनवाई अगले दिन के लिये टाल दी।

बताते चलें कि पूर्व सपा सांसद बाल कुमार पटेल को ठगी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जेल भेजा था। व्यापारी रमाकांत त्रिपाठी व उनके तीन सहयोगियों ने पूर्व सांसद पर 65 लाख रुपया चार सौ बीसी के माध्यम से लेकर हड़प जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्होंने कोतवाली नगर में बाल कुमार पटेल उर्फ राजकुमार आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन कोर्ट के तलब करने के बाद भी पूर्व सांसद हाजिर नहीं हुए।

एनबीडब्ल्यू वारंट जारी होने के बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया जहां से कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मंगलवार को पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल की जमानत सुनवाई होनी थी। प्रथम एफटीसी/अपर सत्र न्यायाधीश/एमपी-एमकएलए कोर्ट न्यायाधीश गुनेंद्र प्रकाश ने पहले 12 बजे और बाद में 2 बजे सुनवाई का समय तय किया।

बाल कुमार पटेल के अधिवक्ता मनोज यादव को वादी की आपत्ति पर जवाब देना था। उन्होंने अपना जवाब 2 बजकर 5 मिनट पर दिया, जिस पर वादी के अधिवक्ता अशोक त्रिपाटी जीतू ने यह आपत्ति दर्ज कराई कि कॉपी 2 बजकर 5 मिनट पर प्राप्त हुई है और बिना जवाब देखे बहस संभव नहीं है। अदालत से मांग की, कि सुनवाई की तिथि अगले दिन की तय की जाये। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी देर तक नोकझोंक भी होती रही।

इस पर न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई अगले दिन के लिये टाल दी। दूसरे आरोपी भानु प्रताप चतुर्वेदी ने अभी तक न्यायालय में समर्पण नहीं किया और न ही उसे अभी तक पुलिस की गिरफ्तार कर पाई है। जबकि उसके खिलाफ भी न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन/एमपी-एमएल कोर्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट गरिमा सिंह द्वारा एनवीडब्ल्यू व 82 की कार्यवाही के लिये  आदेश पूर्व में ही पारित किया जा चुका है। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अंबिका प्रसाद मिश्रा भी उपस्थित रहे।

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