Kanpur News: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को खुद इलाज की जरूरत, शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाली, कई सेंटर जर्जर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को खुद इलाज की जरूरत।

कानपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को खुद इलाज की जरूरत है। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाली है। जबकि कई सेंटर भी जर्जर हैं।

कानपुर, [विकास कुमार]। जिले के अधिकतर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थिति काफी खराब है। कई सेंटर जर्जर है, जबकि कुछ सेंटरों के पास गंदगी है। अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के ड्यूटी पर तैनात नहीं रहने की वजह से सेंटरों पर मरीज कम पहुंचते हैं। शासन से जिले के सबसे खराब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की सूची जारी हुई है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार करने के निर्देश दिए हैं। 

जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 296 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा नगर में 50 सेंटर हैं। इनमें से अधिकतर सेंटर जर्जर हैं और इनमें दवाओं की भी कमी है। कई सेंटरों पर तो लोगों ने कब्जे तक कर लिए हैं। अमृत विचार की टीम ने गुरुवार को कोपरगंज स्थित चाचा नेहरू अस्पताल में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, कंघी मोहाल, हुमायूं बाग, गोविंद नगर, देव नगर, अनवरगंज व चंद्रिकादेवी मंदिर के पास बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की पड़ताल की।

इनमें से अधिकतर सेंटर जर्जर मिले। यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) नहीं मौजूद थे। सीएचओ की जगह पर कुछ सेंटरों पर स्टाफ नर्स व कुछ में फार्मासिस्ट मरीजों को दवा देने का काम करते मिले। सेंटरों में एजर्ली की दवा, दर्द का ट्यूब, खांसी का सिरप आदि दवाएं नहीं थीं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सेंटर भी बदहाल अवस्था में थे।

स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी करने पर पता चला कि वह पहले सुबह आकर सेंटर की खुद सफाई करते हैं, इसके बाद मरीजों को दवा देने व आदि काम करते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बारिश के समय होती है। सेंटर की छतों से पानी टपकता है और दीवारों पर सीलन बनी रहती है, जिससे हादसा होने की आशंका रहती है। परिसर में जलभराव होने से निकलना तक दूभर होता है। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। 

जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को सुधारने और सीएचओ को कार्यशैली में बदलाव आदि के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक पिंकी जोवेल ने एक पत्र जारी किया है जिसमें जिले के 34 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थिति खराब होने और उनमें सुधार के लिए निर्देश दिए हैं। 

ऑनलाइन नहीं देखे जा रहे मरीज 

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में शासन से मरीजों को ऑनलाइन परामर्श देने के संबंध में निर्देश जारी हुआ था। यह कार्य भी सेंटरों पर न के बराबर हो रहा है। इस वजह से मरीजों को ऑनलाइन परामर्श भी नहीं मिल पा रहा है। न ही ऐसे सामान्य मरीज देखे जा रहे हैं। इस वजह से मरीजों को घर के पास इलाज नहीं मिल पा रहा है। 

इन सेंटरों की स्थिति खराब 

मरखरा, भादेवना, पूर्वामीर, ऊथ्था, अनेई, बकोठी, बिर्राखानपुर, सजेती, बहेटा, कमसन, मकरंदपुर, हठेही, माधा, साहपुर, फुफवार, पहेवा, तेजपुर, तिवारीपुर, सारर्ध, राईकेपुर, मेहरौली, भूल गांव, मोहम्मदपुर, थरेपह, शाखाहारी, केवाडियां व जिला जेल में छह सेंटरों की स्थिति खराब मिली है।

संबंधित समाचार