लखनऊ : आयुष्मान योजना के पांच साल पूरे होने पर बोले डिप्टी सीएम, कहा- इलाज के लिए गरीबों को अब नहीं बेचना पड़ता खेत

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Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार। एक समय था जब गरीबों को इलाज नहीं मिलता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के बेहतर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत कर जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई है। पांच साल पहले शुरू हुई इस योजना से गरीबों और जरूरतमंदों को इलाज मिल रहा है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह शुक्रवार को हजरतगंज स्थित एक निजी होटल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयोजित आयुष्मान संवाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

डिप्टी सीएम ने कहा कि इलाज के लिए गरीबों को अब खेत और गहने नहीं बेचने पड़ते। बल्कि आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रूपये का कवर गरीबों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए राह आसान कर रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में अभी तक 10.74 करोड़ से अधिक जो कमजोर पात्र परिवार (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) इस योजना से लाभान्वित हुए है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश हर्षवर्धन को सम्मानित किया है।

एसजीपीजीआई में आयुष्मान योजना के सफल संचालन के लिए मिला सम्मान

संजय गाँधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई ) में यह कार्यक्रम साल 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन उस समय में आयुष्मान योजना को एसजीपीजीआई में शुरू कराना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उस चुनौती को स्वीकार करने का निश्चय एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.राजेश हर्षवर्धन ने किया। दरअसल, एसजीपीजीआई जैसे बड़े संस्थान में आयुष्मान योजना को लागू कराना चुनौतीपूर्ण इसलिए भी था कि यहां पर कैशलेश इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पैसा जमा करने के बाद ही इलाज शुरू होता था, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत मरीज का कोई भी शुल्क जमा नहीं होना था, बल्कि पांच लाख रुपये तक का इलाज कैशलेश होना था। उसके बाद इलाज में लगे खर्च के भुगतान के लिए संबंधित विभाग को पूरा ब्यौरा भेजना और खर्च प्राप्त करना शामिल था।

इसके लिए एबीपीएमजेएवाई के नोडल अधिकारी डॉ.राजेश हर्षवर्धन ने एसजीपीजीआई में वर्चुअल सिस्टम की एक ऐसी व्यवस्था दी। जिससे आयुष्मान योजना का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हुआ है। पहले मरीज को लाभ दिलाने के लिए पूरी रात प्रो.राजेश हर्षवर्धन को जागना पड़ा था, कांउटर पर बैठकर उन्होंने आयुष्मान योजना के लिए काम किया। जिसका लाभ लगातार मरीजों को मिलता आ रहा है।

कार्यक्रम में एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके. धीमान समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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