17 करोड़ के बीज घोटाले में जांच लगभग पूरी, EOW करेगी गिरफ्तारी, कानपुर, लखनऊ, इटावा से जुडे हैं तार
17 करोड़ के बीज घोटाले में जल्द होंगी गिरफ्तारी।
17 करोड़ के बीज घोटाले में ईओडब्ल्यू जल्द गिरफ्तारी करेगी। घोटाले के तार कानपुर, लखनऊ, इटावा से जुड़े हैं। वर्ष 2019 में कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
कानपुर, [अभिनव मिश्रा]। फर्जी तरीके से बीजों की उठान दिखा कर 17 करोड़ का घोटाला करने की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने जांच लगभग पूरी कर ली है। जांच के दौरान अपराध शाखा के जांच अधिकारियों ने घोटाले में सात लोगों को संलिप्त पाया है। जांच के दौरान तथ्य सामने आए कि घोटाले के तार कानपुर, लखनऊ, इटावा, फरुर्खाबाद समेत अन्य जनपदों से जुड़े हुए है। अपराध शाखा की टीम अब आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है।
वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम में परियोजना अधिकारी के पद पर तैनात निराकार सिंह ने तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी इटावा के खिलाफ बीजों की उठान में गड़बड़ी का मामला सामने लाया था। जांच में वर्ष 2019 में बीज वितरण के साथ ही वर्ष 2018 में भी बीजों के वितरण को संदिग्ध पाया गया था।
बीज वितरण में घोटाला पाते हुए परियोजना अधिकारी ने कल्याणपुर थाने में जिला कृषि अधिकारी इटावा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट में बताया गया था कि बीजों की उठान व उसका भुगतान रसीदों के विरुद्ध किया गया था, जिससे बीज विकास निगम करीब 17 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई थी। वर्ष 2020 में मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी।
बीते तीन सालों से मामले की जांच कर रही टीम ने खुलासे के लिए कानपुर नगर, इटावा, फरुर्खाबाद, लखनऊ समेत अन्य जनपदों में छापेमारी कर तथ्य एकत्र किए थे। जांच के दौरान टीम ने पाया कि मामले में तत्कालीन इटावा जिलाकृषि अधिकारी, विभाग के लेखाकार समेत सात लोग दोषी पाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक टीम सातों आरोपियों के गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
तरोई के बीजों में हुआ सबसे बड़ा घोटाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीज वितरण के दौरान सबसे बड़ा घोटाला तरोई के बीजों में हुआ। जांच के दौरान पाया गया कि तरोई के बीजों की उठान व विवरण रसीदों के मुताबिक प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन लिखा पढ़ी में तरोई का उठान के साथ बोआई भी कर दी गई है।
हाईकोर्ट की दौड़ लगा रहे आरोपी
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मामले में दोषियों ने निचली अदालतों से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट की शरण ली है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। वहीं पुलिस अधिकारी मामले के सभी दस्तावेज हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घोटाले के सभी तथ्यों के साथ सोमवार को हाईकोर्ट में पेश होंगे जिससे जमानत याचिका पर रोक लगाई जा सके।
