अयोध्या : चयनित मठ-मंदिर व कुंडों के सुंदरीकरण को 17 करोड़ जारी
अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी अयोध्या को वैश्विक पर्यटन नगरी बनाने में जुटी केंद्र और प्रदेश सरकार धर्म नगरी को सजाने और संवारने में जुटी है। सैकड़ों वर्षों का इतिहास समेटे रामनगरी के मठ-मंदिर और पौराणिक कुण्डों का चरणबद्ध ढंग से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। सरकार की कोशिश जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राममंदिर के साथ रामनगरी के अन्य मठ-मदिरों को दशा सुधारने की है, जिसके लिए जिम्मा राज्य पर्यटन विकास निगम और पर्यटन विभाग को सौंपा गया है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए शासन ने दो कुण्डों समेत अयोध्या के कुल 16 मठ-मदिरों के फसाड ट्रीटमेंट और पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 17 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त की है।
गौरतलब है कि अयोध्या में तमाम मठ-मंदिर काफी पुराने होने के चलते अपनी आभा खो चुके हैं और आर्थिक दिक्क्तों के चलते इनका उचित देखभाल नहीं हो पा रहा है, जबकि इन मठ-मंदिरों का अपना अलग धार्मिक और पौराणिक महत्व है। वैश्वक पर्यटन नगरी की ओर अग्रसर रामनगरी को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने की पहल के तहत महत्व के मंदिरों और कुण्डों के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना पर काम शुरू हुआ है। जिसके लिए शासन ने 16 मठ-मंदिरो व कुंडों के सौंदर्यीकरण के लिए 17 करोड़ 5 लाख 6 हजार रूपये की धनराशि अवमुक्त की है। इन मंदिरों के फसाड ट्रीटमेंट और पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कुल 37 करोड़ 87 लाख 19 हजार रूपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके सापेक्ष शासन ने जीएसटी के अलावा 32 करोड़ 14 लाख 44 हजार रूपये धनराशि की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है तथा योजना पर काम के लिए पहली किश्त जारी की है।
पूर्व में 14 धार्मिक स्थलों के लिए स्वीकृत हुआ था 13 करोड़ 29 लाख
रामनगरी के धार्मिक स्थलों के फसाड ट्रीटमेंट और पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए ओर से इसी वर्ष 9 मई को अनुमानित लागत 1329.46 लाख रुए के सापेक्ष 1329.48 लाख रूपये धनराशि की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृत दी थी। जिसके तहत रामनगरी के दिगंबर अखाडा, सियाराम किला, कौशल्याघाट, कालेराम मंदिर समेत अन्य में सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाना था। फसाड ट्रीटमेंट और पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास का जिम्मा उठाने वाले पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से 26 धार्मिक स्थलों के कार्य का आवंटन कर दिया है और काम की शुरुआत करा दी गई है। ठेकेदार गोरखपुर के महेंद्र पांडेय का कहना है कि मंदिरों का पुरातन वास्तु के आधार पर सौंदर्यीकरण किया जाना है। पुरानी इमारतों में सीमेंट-मोरंग के बजाय चुना-सुर्खी से मरम्मत और प्लास्टर होगा।
परियोजना अनु.लागत प्रशा.स्वीकृति प्रथम किश्त
करतलिया बाबा मंदिर 231.54 196.52 98.26
तिवारी मंदिर 207.12 175.79 87.89
वेद मंदिर 262.98 223.20 111.60
सिंघम मंदिर 233.60 198.27 99.13
गारापुर मंदिर 279.44 237.17 118.58
मणिरामदास छावनी 335.72 284.94 142.47
बरेली मंदिर 244.93 207.88 103.94
रंग महल 270.61 229.68 114.84
सीताराम महल 220.92 187.50 93.75
मोतिहारी मंदिर 230.84 195.92 97.93
टेढ़ीयति महादेव मंदिर 231.23 196.25 98.12
राम पुस्तकालय मंदिर 231.84 196.77 98.38
सरोवर मंदिर 257.18 218.28 109.14
देवकाली कुंड 286.96 243.55 121.77
धन्याक्षय कुंड 262.18 222.52 111.26
नोट- सभी धनराशि लाख में, प्रशासनिक स्वीकृति में जीएसटी अतिरिक्त
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