बरेली: मनरेगा... 25 हजार से ज्यादा श्रमिकों को बगैर आधार लिंक कराया काम, भारी गोलमाल की आशंका

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भारी गोलमाल की आशंका, अब जल्द ही एबीपीएस लागू करने का दावा

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बरेली, अमृत विचार। मनरेगा श्रमिकों को किए जाने वाले भुगतान में पारदर्शिता के लिए केंद्रीय ग्रामीण एवं पंचायतीराज मंत्रालय की ओर से लागू आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम (एबीपीएस) की अनिवार्यता की जिले में धज्जियां उड़ा दी गई हैं। 25 हजार से भी ज्यादा श्रमिकों का आधार लिंक कराए बगैर उनसे काम कराया जा रहा है। भारी धांधली की आशंका के बीच अफसर दावा कर रहे हैं कि अगले कुछ दिन में सभी श्रमिकों के आधार लिंक करा दिए जाएंगे।

जिले में चार लाख से ज्यादा मनरेगा श्रमिक हैं, जिनमें से दो लाख 81 हजार 582 सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं और ग्राम पंचायातें में चल रहे काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा में श्रमिकों को समय से मजदूरी का भुगतान दिलाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के मकसद से एबीपीएस को प्रभावी बनाए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद 25,323 श्रमिकों के आधार लिंक कराए बगैर उन्हें न सिर्फ ई-मस्टर रोल जारी हो रहा है बल्कि काम भी कराया जा रहा है। इसी कारण मनरेगा में गोलमाल की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि एबीपीएस के माध्यम से श्रमिक के खातों में सीधे मजदूरी भेजी जाती है। इससे गड़बड़ी की आशंका कम हो जाती है।

हर ब्लॉक में बिना आधार वाले श्रमिक
मनरेगा पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक भुता ब्लॉक में 3950, मीरगंज ब्लॉक में 2955, नवाबगंज में 2893, बहेड़ी में 2142, मझगवां में 1889, बिथरी चैनपुर में 1882, रिछा में 1558, क्यारा में 1442, भोजीपुरा में 1316, आलमपुर जाफराबाद में 1109, रामनगर में 1012, भदपुरा में 986, शेरगढ़ में 949, फरीदपुर में 751 और फतेहगंज में 638 श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है।

एबीपीएस को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों को दी गई है। दो-तीन दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। ई-मस्टर रोल जारी करने से पहले परीक्षण की व्यवस्था है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी उजागर होगी तो कार्रवाई की जाएगी--- मो. हबीब अंसारी, डीसी मनरेगा।

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