हरदोई: घर में नहीं था एक दाना, भूख से तड़प रहे थे बच्चे, बेबस बाप ने फंदा ने लगाकर दी जान
हरदोई। बाढ़ के पानी से घिरी हुई झोपड़ी में रह रहा ग़रीब कुनबा कई दिनों से भूख से बेहाल था। उसके घर में राशन का एक दाना नहीं था। पहले तो गांव वाले मुट्ठी-मुट्ठी भर कुछ राशन दे भी देते थे, लेकिन आखिर कहां तक, उनके हाथ समेट लेने के बाद पूरा कुनबा भुखमरी की कगार पर पहुंच गया।
भूख से बेहाल बच्चे तड़पने लगे। उनके बेबस बाप ने खुद भूखे पेट रहते हुए तमाम जतन किए, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा और उसने बच्चों की ऐसी हालत के लिए खुद को ज़िम्मेदार मानते हुए अपनी झोपड़ी में ही फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। इतना सब होने के बाद अफसरों को होश आया। डीएम एमपी सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
बताते चलें कि अरवल थाने के अदनिया गांव बाढ़ से घिरा हुआ है। वैसे पिछले दिनों वहां पहुंचे डीएम एमपी सिंह ने बाढ़ से बेहाल लोगों के लिए राशन-पानी का बंदोबस्त कराया था। उसके बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर भी वहां के हालात से रू-ब-रू हो चुके थे।
उसी गांव में रहने वाला 28 वर्षीय वेदपाल पुत्र रघुनाथ मज़दूरी से पत्नी सपना और 4-4 बेटियों का पेट पाल रहा था। लेकिन गांव में बाढ़ के आ जाने से उसकी दिहाड़ी ने दम तोड़ दिया। कुछ भी हो लेकिन पापी पेट के लिए कुछ न कुछ करना ही पड़ता है। वेदपाल ने भूखे रह रहे अपने बच्चों का हवाला देते हुए गांव वालों से मदद मांगी तो उन्होंने उस पर और उसके बच्चों पर तरस खाते हुए मुट्ठी-मुट्ठी भर राशन दिया तो लेकिन कुछ दिन उन्होंने भी हाथ समेट लिए।
उसके बाद वेदपाल के घर में राशन का एक दाना भी नहीं, वेदपाल और उसकी पत्नी सपना अपना पेट बांधे रही, लेकिन बच्चे भूख को बर्दाश्त नहीं कर सके और बिलबिलाने लगे। वेदपाल से अपने बच्चों की ऐसी हालत देखी नहीं गई और शनिवार की देर रात को जब सारे लोग गहरी नींद में सो गए तो उसने वहीं झोपड़ी में अपनी पत्नी की साड़ी से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
रविवार की सुबह जब पत्नी सपना नींद से जागी और सामने पति का शव फांसी पर लटका हुआ देख कर चिल्लाने लगी, जिससे गांव वालों को इस बारे में पता चला। भूखे पेट रह रहे वेदपाल की मौत के बाद अफसरों को होश आया। डीएम एमपी सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
आखिर कौन ले गया राशन ?
बाढ़ से घिरे हुए अदनिया गांव पहुंचे डीएम ने वहां खुद खड़े हो कर राशन-पानी का बंदोबस्त कराया था। लेकिन सवाल यह है कि जब डीएम ने वहां राशन बंटवाया तो फिर वेदपाल का राशन आखिर किसके हाथ आया? कहीं ऐसा तो नहीं कि वहां भी दलाल और बिचौलियों ने अपना काकस फैला रखा होगा और बाढ़ से बेहाल लोगों का राशन उन्ही के हिस्से चला गया, जिसमें वेदपाल का भी हिस्सा शामिल था। फिलहाल इस तरह की बातें हो रही है।
डीएम ने एसडीएम को लगाई फटकार
हरदोई। बाढ़ से घिरे हुए अदनिया गांव में युवक की आत्महत्या की वजह सामने आने पर डीएम एमपी सिंह ने एसडीएम सवायजपुर अरुणिमा श्रीवास्तव को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने एसडीएम से जानना चाहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भेजे गए राशन में कोई गोलमाल तो नहीं हुआ, जांच में अगर ऐसा पाया गया तो सख्त से सख्त कार्रवाई तय है।़
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