UP: उद्यमियों को एक छत के नीचे मिलेगी टेस्टिंग व पैकेजिंग की सुविधा, क्लस्टर स्थापना से बढ़ेगा चर्म उत्पादों का निर्यात
कानपुर में उद्यमियों को एक छत के नीचे मिलेगी टेस्टिंग व पैकेजिंग की सुविधा।
कानपुर में उद्यमियों को एक छत के नीचे टेस्टिंग व पैकेजिंग की सुविधा मिलेगी। क्लस्टर स्थापना से चर्म उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा।
कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। रमईपुर में प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की जाएगी। मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड इस सेंटर की स्थापना करेगा। इस सेंटर में एक ही छत के नीचे उत्पादों की टेस्टिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग एवं बारकोडिंग की सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही यहां बहुमंजिला इमारतों में बनने वाले फ्लैट में उद्योग स्थापित हो सकेंगे। यहां जीरो डिस्चार्ज प्रणाली का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनेगा। जो भी पानी उपयोग होगा उसे शोधित करके दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।
रमईपुर में 102.258 हेक्टेयर में लेदर क्लस्टर बसाया जाना है। स्पेशल परपज व्हीकल के तहत गठित कंपनी इस प्रोजेक्ट की स्थापना करेगी।
रमईपुर के पास सेन पूरब पारा गांव में ग्राम समाज की 42.02 हेक्टेयर भूमि पुनर्ग्रहीत कर कंपनी को प्रशासन ने दी है। कंपनी ने 22 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी है। 35.238 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की है। इतनी मालियत की भूमि कंपनी प्रशासन को दूसरे गांव में देगी। फिर ग्राम समाज की भूमि कंपनी को मिलेगी और वहां विकास कार्य शुरू हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से 325 करोड़ रुपये और 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार से मिलेंगी। 50 करोड़ रुपये से ही कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा। दो सौ करोड़ रुपये से कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा और सौ करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खर्च होगा। दो चरणों में विकास कार्य होने हैं। 800 करोड़ रुपये का निवेश प्रथम चरण में होगा। इस सेंटर की स्थापना के बाद तो यहां के उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। वे अपने उत्पादों की टेस्टिंग यहीं कर सकेंगे। उन्हें पैकेजिंग, लेवलिंग और बारकोडिंग की सुविधा इस सेंटर में मिल जाएगी।
इस सेंटर के लिए क्लस्टर के लेआउट प्लान में भूमि का प्रावधान कर दिया गया है। इस सिटी में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना बहुत ही जरूरी है। भूमि चिह्नित हो गई है। सेंटर की स्थापना के लिए राज्य सरकार एक जिला एक उत्पाद के तहत वित्तीय मदद देती है।
ऐसे में 50 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उसकी अत्याधुनिक लैब में टेस्टिंग बहुत ही जरूरी होती है। यहां राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय मानक पर अपने उत्पाद बनाने में आसानी होगी। इसके साथ ही उत्पादों की पैकेजिंग का कार्य भी यहां आसानी से हो जाएगा। डिजाइन डेवलपमेंट में भी आसानी होगी और लोगों को यहां विभिन्न तरह की डिजाइन के प्रशिक्षण का कार्य भी हो सकेगा।
इस सेंटर में टेस्टिंग लैब, उत्पाद प्रदर्शन के साथ सह विक्रय केंद्र की सुविधा। पैकेजिंग, लेबलिंग एवं बारकोडिंग की सुविधा भी होगी। अक्टूबर के बाद यहां विकास कार्य शुरू हो जाएगा। भूमि की अदला- बदली में कोई बाधा नहीं है।– अशरफ रिजवान, निदेशक मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट लिमिटेड
