रायबरेली : गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन ओवरब्रिज का टूटा जाल, 3 श्रमिक घायल 

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली, अमृत विचार। गंगा एक्सप्रेसवे पर ओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण अचानक निर्माणाधीन जाल टूट गया। जिससे जाल निर्माण का कार्य कर रहे तीन श्रमिक गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी श्रमिकों की सूचना पर संस्था के वाहन से तीनों घायल श्रमिकों को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं संस्था द्वारा इस घटना को पूरी तरह गोपनीय रखा गया।  घटना की जानकारी मिलने पर विवरण लेने पहुंचे मीडिया कर्मियों से वहां मौजूद सेफ्टी इंजीनियरों ने घटना को छिपाने के उद्देश्य से सिरे से खारिज करते हुए अभद्र व्यवहार भी किया।
      
आईटीटी कंपनी द्वारा विगत लगभग दो सालों से गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य कराया रहा है। जिसमें मुख्य मार्गो को पार करने वाले स्थान पर गंगा एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसी के चलते खीरों क्षेत्र के गांव रामपुर मजरे निहस्था के सामने भी एक ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। जिसमें रविवार की रात सरिया का जाल बांधने का काम चल रहा था । इस कार्य में बिहार प्रांत के लगभग पच्चीस श्रमिक लगाए गए हैं। ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य में लगे हुए श्रमिकों ने बताया कि रविवार की रात ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए सरिया लगाकर जाल बांधा जा रहा था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और मौके पर कोई भी सेफ्टी इंजीनियर या जिम्मेदार अधिकारी के मौजूद न होने के कारण जाल अचानक टूट गया। जिससे जाल बांध रहे बिहार प्रांत के पुरनिया जिले के कस्बा धमदहा निवासी ताजुद्दीन अंसारी (36) पुत्र तस्लीम अंसारी, सोनू (22) पुत्र कमील अंसारी और फहीम आलम (35) पुत्र भिक्खन अंसारी ओवर ब्रिज के गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी श्रमिकों ने घटना की सूचना संस्था के अधिकारियों को दी।

सूचना मिलने पर संस्था के अधिकारी तो मौके पर नहीं पहुंचे लेकिन संस्था का वाहन निर्मला अधीन ओवर ब्रिज पर भेजा गया। साथी श्रमिकों ने संस्था के वाहन से तीनों घायल श्रमिकों को जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचाया। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय संवाददाता घायल श्रमिकों का विवरण लेने घटनास्थल पर पहुंचा तो वहां मौजूद सेफ्टी इंजीनियरों द्वारा उन्हें घटना की जानकारी लेने तथा फोटो खींचने से मना करते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही आईटीटी संस्था द्वारा इस घटना को पूरी तरह गोपनीय रखा गया और किसी भी प्रकार की सूचना स्थानीय प्रशासन को भी नहीं दी गई। थाना अध्यक्ष देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है।

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