शाहजहांपुर: बीमार महिला की हिमगिरी एक्सप्रेस में मौत

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। हिमगिरी एक्सप्रेस में एक महिला की तबीयत खराब हो गई थी। ट्रेन को रोककर जीआरपी ने महिला को बेहोशी की हालत में जनरल कोच से नीचे उतारकर जिला अस्पताल भेज दिया।

जहां डाक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इधर ट्रेन को पांच मिनट तक रोका गया। बिहार राज्य के नालंदा जिले के शारेह थाना क्षेत्र के गांव खेतमपुरा निवासी लल्लन मांझी अपनी पत्नी 27 वर्षीय सरस्वती, बेटे रंजन, सागर और दो साल की बेटी छक्कू के साथ अंबाला में किराए के मकान में रहते थे।

वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। वह दो माह पहले अंबाला गया था। उसकी पत्नी दस दिन से बीमार थी और इलाज से कोई फायदा नहीं हो रहा था। उसके पास पैसे नहीं थे। लोगों से एक हजार रुपये लेकर हिमगिरी एक्सप्रेस से जनरल कोच में अंबाला से नालंदा जा रहा था। उसकी पत्नी सीट पर लेटी हुई थी।

सोमवार की शाम बरेली से ट्रेन छूटने के बाद टीटीई कोच में आया। टीटीई ने उससे टिकट मांगा। क्यों कि टिकट उसकी पत्नी के पास था। उसने पत्नी को जगाया और नहीं उठी, वो बेसुध थी। टीटीई  ने कंट्रोल रुम को सूचना दी। कंट्रोल रुम के आदेश पर रन थ्रू ट्रेन को प्लेटफार्म एक पर लिया गया।

आरपीएफ व जीआरपी ने महिला और उसके बच्चों को कोच से नीचे उतारा। जीआरपी ने महिला को जिला अस्पताल भेज दिया। जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मौत की खबर से परिवार में रोना पीटना मच गया।

चंदे से करायी गई अंत्येष्टि
लल्लन ने अस्पताल में रोते हुए लोगों को बताया कि उसके पास पैसा नहीं है कि वह बच्चों को खाना खिला सके और पत्नी का अंतिम संस्कार कर सके। पुलिस चौकी अस्पताल, जीआरपी, एंबुलेस चालकों आदि ने उसके बच्चों को नाश्ता और खाना खिलाया।

लोगों ने महिला की अंत्येष्टि के लिए चंदा किया। इस दौरान एंबुलेंस चालक महिला का शव लेकर गर्राघाट पर श्मशान घाट पर ले गया। जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। जीआरपी ने महिला के पति व बच्चों को ट्रेन से ट्रेन का टिकट दिलाकर बिहार भेज दिया।

 
 

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