मुरादाबाद: प्रेमिका से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की कैद

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Edited By Amrit Vichar
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10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40,000 रुपये अर्थदंड 

मुरादाबाद, अमृत विचार। अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में चार माह में सुनवाई पूरी कर दोषी को 10 साल की सश्रम कैद और 40,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी ने शादी का झांसा देकर अपनी प्रेमिका से संबंध बनाए थे। बाद में शादी के वादे से मुकर गया। पीड़िता नागफनी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने दिसंबर 2008 में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

 पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि रिजवान पुत्र इशरत निवासी नवाबपुरा हाजी नेक की मस्जिद बिरियानी वाली गली से उसका पिछले दो साल से प्रेम प्रसंग था। इस दौरान उसने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए थे। वह लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। पीड़िता ने कहा था कि जब उसकी उम्र करीब 17 साल थी। तभी उसकी शादी हो गई थी। लेकिन, पति से मतभेद हो जाने की वजह से वो दो दिन में ही ससुराल से मायके आ गई थी। इसके बाद कभी ससुराल नहीं गई।

 पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि उसकी मां की मौत हो चुकी थी। पिता और भाई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। ऐसे में वो जब घर पर अकेली होती थी तो मौका पाकर रिजवान उसके घर आ जाता था। वह लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। इस मामले की सुनवाई इसी साल छह मई को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 मोहित शर्मा की अदालत में शुरू हुई। 

 एडीजीसी ने बताया कि अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त रिजवान को रेप का दोषी माना है। अदालत ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माने की रकम से 20,000 रुपये पीड़िता को दिए जाएं।

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