अयोध्या : नाका हनुमानगढ़ी के सामने से ही गुजरेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग
अयोध्या, अमृत विचार। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर गुलाबनगर से नाका हनुमानगढ़ी के बजाय गुलाबनगर से नाका बाईपास की ओर परिक्रमा मार्ग को मोड़ने की मांग उच्च न्यायालय ने ख़ारिज कर दी है। अदालत ने मामला प्रदेश सरकार के क्षेत्राधिकार का होने के चलते किसी हस्तक्षेप से इंकार किया है। जिसके बाद प्रशासन ने इस इलाके में परिक्रमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की कवायद तेज कर दी है। हालांकि अदालत ने प्रभावितों को नियम संगत मुआवजा देने का आदेश दिया है ।
गौरतलब है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना शुरू किये जाने के बाद इस क्षेत्र के लोग दो धड़ो में बंट गए थे और एक पक्ष ने शासन-प्रशासन से वाया गुलाबनगर-नाका हनुमानगढ़ी से और दूसरे पक्ष ने गुलाबनगर से वाया नाका चुंगी से परिक्रमा मार्ग निर्धारण की मांग की थी। प्रशासन की ओर से वर्तमान प्रचलित मार्ग का ही निर्धारण किये जाने को लेकर अयोध्या प्रसाद मिश्र समेत 35 ने उच्च न्यायालय लखनऊ की शरण ली, हालांकि न्यायमूर्ति विवेक चौधरी व मनीष कुमार निगम की डबल बेंच ने सोमवार को सुनवाई में हस्तक्षेप से इंकार कर दिया।
प्रभावितों में केवल 12 की मकान-जमीन अपनी है और बाकी 23 नजूल जमीन पर बसे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए इस क्षेत्र में क़ानूनी अड़चन पर विराम लगा तो प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन की ओर से इस क्षेत्र के प्रभावितों को अपना निर्माण व कब्जा जल्द से जल्द हटा लेने की चेतवानी दी गई है। ऐसा न करने पर प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण कराने और हर्जा-खर्चा वसूलने की चेतवानी दी है।
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