Chitrakoot: बेटी से दरिंदगी करने वाले हैवान को ताउम्र जेल की सजा, आरोप पत्र दाखिल होने के 21वें दिन आया फैसला
चित्रकूट में बेटी से दरिंदगी करने वाले हैवान को ताउम्र जेल की सजा।
चित्रकूट में बेटी से दरिंदगी करने वाले हैवान को कोर्ट ने ताउम्र जेल की सजा सुनाई। आरोप पत्र दाखिल होने के 21वें दिन विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया।
चित्रकूट, अमृत विचार। नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले हैवान पिता को विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने आजीवन कारावास की सजा दी। पुलिस के आरोपपत्र दाखिल किए जाने के 21 वें दिन ही दोषी को सजा मिलने से लोगों का न्यायपालिका पर और विश्वास बढ़ा है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में एक दरिंदे ने अपनी बेटी से हैवानियत की थी। नाबालिग पुत्री ने खुद थाने जाकर पिता द्वारा दुराचार करने की शिकायत की थी। नौ जुलाई को हुई इस दिल दहलाने वाली घटना की रिपोर्ट 10 जुलाई को बाल कल्याण अधिकारी बालकिशुन ने दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने इस मामले में मऊ पुलिस टीम को त्वरित कार्यवाही कर न्यायालय में भी प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए थे। इससे प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान कराने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस द्वारा इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करने के 21 वें दिन विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने निर्णय सुना दिया। दोषसिद्ध पिता को आजीवन कारावास की सजा दी। इसे 43 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया। पाक्सो एक्ट के इस मामले में त्वरित निर्णय आने से लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास और बढ़ा है।
रेयरेस्ट आफ द रेयर केस था यह- तेज प्रताप
विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट तेज प्रताप सिंह ने बताया कि यह बहुत दिल दहलाने वाला और सामाजिक रिश्तों को तारतार करने वाला मामला था। इस मामले में पुलिस की भूमिका प्रभावी रही, जिससे मुकदमा जल्द चला और दोषी को सजा मिली। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा है कि महिला और पाक्सो एक्ट के मामलों में जल्द कार्रवाई हो और दोषी सीखचों के पीछे हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से आम जनमानस का न्याय पर विश्वास और गहरा होता है।
