मुजफ्फरनगर के बाद कानपुर का थप्पड़ कांड भी चर्चा में, चौकी में दरोगा ने दोस्त से दूसरे को लगवाए कंटाप, फिर हुआ ये सब
मुजफ्फरनगर के बाद कानपुर का थप्पड़ कांड भी चर्चा में आया।
मुजफ्फरनगर के बाद कानपुर का थप्पड़ कांड भी चर्चा में आया। यहां लालबंगला चौकी में दरोगा ने एक दोस्त से दूसरे को कंटाप लगवाए। आहत युवक ने अवसाद में आकर जान देने का प्रयास किया।
कानपुर, अमृत विचार। चकेरी थानाक्षेत्र के लालबंगला चौकी में यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोस्तों से एक-दूसरे को चार-चार थप्पड़ लगवाए गए। इसके बाद चेतावनी देकर चौकी से भगा दिया गया। इससे आहत युवक अवसाद में चला गया और सुसाइड का प्रयास किया। युवक की मां ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। जिस पर उन्होंने एसीपी चकेरी को मामले की जांच सौंपी है।
मूलरूप से फिरोजाबाद के रहने वाले पुष्पेंद्र सिंह की पत्नी अमरप्रीत ने बताया कि उनका बेटा दिलजोत सिंह कानपुर में अपनी बुआ के यहां रहकर कारोबार में हाथ बंटाता है। अमरप्रीत ने बताया कि बेटा दिलजोत 30 अगस्त की रात 10 बजे दुकान बंद करके अपने दोस्त के साथ मंदिर जा रहा था। उसी दौरान लालबंगला में डायल 112 के पुलिस कर्मियों ने उसे रोक लिया। मां के अनुसार दिलजोत ने पुलिसकर्मियों से कोई भी गलती न होने पर भी उसे रोकने की वजह पूछी।
आरोप है, कि इतना कहते ही पुलिसकर्मी भड़क गए। आरोप है, कि पुलिस वालों ने गालीगलौज करते हुए उससे गाड़ी लहराकर चलाने की बात कही। आरोप है, कि इतने में एक दरोगा ने जेल भिजवाकर होश ठिकाने आ जाने की धमकी दी। आरोप है, कि इसके बाद वह लालबंगला चौकी ले गए। मां के अनुसार इस दौरान चौकी में मौजूद एक पुलिसकर्मी से दिलजोत ने गाड़ी के कागजात पूरे होने के साथ-साथ हेलमेट भी पहने होने की बात कही थी। पीड़ित के अनुसार उसने कहा कि इसके बाद भी उससे अभद्रता की जा रही है।
आरोप है, कि इससे पुलिसकर्मी भड़क गए और उसे जेल भेज देने की धमकी दी। उन लोगों ने उन पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। आरोप है, कि एक दरोगा ने एक दूसरे को चार-चार कंटाप पूरी दम से मारने के लिए कहा। ऐसा न करने पर जेल भेज देने की धमकी दी। दोनों से एक-दूसरे को कंटाप मरवाने के बाद वहां से भगा दिया। इससे अवसाद में गए दिलजोत ने घर में पहुंचकर आत्महत्या का प्रयास किया।
पीड़ित ने बेटे के साथ पुलिस कमिश्नर डॉ आर के स्वर्णकार से पूरे मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं। इस संबंध में एसीपी चकेरी अमरनाथ ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। लेकिन अभी तक जांच का आदेश उनके पास नहीं आया है। मामले में निष्पक्ष जांच करके दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
