बरेली: बाजार में 30 हजार का, नगर निगम ने खरीदा 45 हजार में हैंडपंप
बरेली, अमृत विचार। शहर में नगर निगम ने इंडिया मार्का हैंडपंप सरकारी कार्यालय और वार्डों में लगाए हैं। जिसकी कीमत बाजार में एक हैंडपंप की 25 से 30 हजार है। लेकिन नगर निगम ने 45 हजार में खरीदा है। इतने महंगे दामों पर खरीदारी करने से आशंका है कि हैंडपंप लगाने के नाम पर लाखों …
बरेली, अमृत विचार। शहर में नगर निगम ने इंडिया मार्का हैंडपंप सरकारी कार्यालय और वार्डों में लगाए हैं। जिसकी कीमत बाजार में एक हैंडपंप की 25 से 30 हजार है। लेकिन नगर निगम ने 45 हजार में खरीदा है। इतने महंगे दामों पर खरीदारी करने से आशंका है कि हैंडपंप लगाने के नाम पर लाखों का खेल किया गया है।
नगर निगम ने 2019-20 में शहर में 250 के करीब हैंपपंप विभिन्न जगहों पर लगवाए हैं। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो खराब किस्म के हैंडपंप के बदले में 45 हजार का भुगतान प्रति हैंडपंप किया गया है।
इसके बाद चबूतरा निर्माण में अलग से बजट दिया गया है। इससे सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्यों 15 से 20 हजार के अधिक दामों पर हैंडपंप खरीदे गए हैं।
इतना ही नहीं खराब गुणवत्ता के कारण आधे से अधिक हैंपपंप खराब पड़ हुए हैं। रखरखाव के अभाव में हर साल सैकड़ों हैंडपंप जमीदोज हो रहे हैं। लेकिन नगर निगम और जल निगम को इनकी फिक्र नहीं है, उनका जोर तो नए हैंडपंप लगाने पर है।
जिस सरकारी हैंडपंप की उम्र 10 साल आंकी जाती है। वह एक-दो साल में ही भूमिगत हो जाता है। इससे साफ है कि सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगाया गया है।
एक साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी
सरकारी हैंडपंप लगाने वाले ठेकेदार पर एक साल तक हैंडपंप के रखरखाव की जिम्मेदारी तय है। इसके बाद ठेकेदार जल निगम को हैंडओवर करते समय नल पूरी तरह चालू दिखाएगा। अगली हैंडओवर की प्रक्रिया जल निगम की तरफ से नगर निगम की होती है। इसके बावजूद भी हैंडपंप खराब होने के बाद किसी भी जिम्मेदार अफसर की नजर नहीं पड़ रही है।
सरकारी आंगन के हैंपपंप खराब
शहर की स्थित यह है कि अगर कोई अपने घर से निकलते समय पानी न लेकर चले तो सरकारी अमला के भरोसे घंटों पानी के लिए भटकना पड़ेगा। क्योंकि सरकारी कार्यालय हो या सड़क का किनारा अधिकांश जगहों के हैंडपंप खराब हो चुके है।
वार्डों में भी हैंडपंप जमीदोज हो चुके है। इसके चलते अगर लोगों को पानी के लिए अपने निजी संसाधनों से इंतजाम करना पड़ रहा है। जबकि दूसरी सप्लाई के पानी स्थित भी खराब है। जलकल महा प्रबंधक आरके यादव ने बताया कि खराब हैंडपपों को रिवोर कराने के लिए जल निगम को पत्र लिखा गया है। हैंडंपप लगवाने के कार्य की निविदा होती है।
