अयोध्या: हिदायत के बावजूद कर्मियों को नहीं मिल रहा एसीपी, विभाग करेगा समीक्षा
अयोध्या, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम पर बढ़ते कानूनी व आर्थिक बोझ को लेकर मुख्यालय ने कड़े तेवर अख्तियार किए हैं। हिदायत के बावजूद सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन का ठीक से अनुपालन न होने को लेकर समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। जिसको लेकर क्षेत्रीय स्तर पर 13 सितंबर को समीक्षा होगी। समीक्षा के लिए सभी डिपो को वांछित ब्यौरा सहित बुलाया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से सेवाकाल के दौरान पदोन्नति का लाभ न पाने वाले कार्मिकों के लिए सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) की व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत नियुक्ति के सेवाकाल की अवधि 10,16 व 26 वर्ष पूरे होने पर संबंधित कार्मिक को वित्तीय उन्नयन (इक्रीमेंट) प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।
हालांकि कार्मिकों को इस योजना का ठीक से लाभ नहीं मिल पा रहा और विभागीय स्तर पर हीलाहवाली की जा रही है, जिसके चलते नियमित और सेवानिवृत्त कर्मी एसीपी योजना का लाभ हासिल करने के लिए हाई कोर्ट का सहारा ले रहे है।
भारी तादात में कार्मिकों की ओर से कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिए जाने के चलते निगम पर पैरवी आदि को लेकर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। जबकि परिवहन मुख्यालय की ओर से वर्ष 2015 और 2020 में पत्र भेज ऐसे प्रकरणों का केस टू केस विश्लेषण करने और शासनादेश के मुताबिक कर्मियों को लाभ दिए जाने की हिदायत दी जा चुकी है।
ताजा हालात को लेकर मुख्यालय ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत जारी की है। जिसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय ने सभी डिपो के स्थापना पटल प्रभारी आदि से निर्धारित प्रारूप पर 13 जनवरी 2010 से अगस्त 23 तक सेवानिवृत्त कार्मिकों और 31 अगस्त 23 तक कार्यरत कार्मिकों की संख्या, नाम, पद,सेवानिवृत्त तिथि, नियुक्ति प्राधिकारी, एसीपी देयता की तिथि और इस पर स्पष्ट टिप्पणी के साथ तलब किया है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक कार्मिक को योजना का लाभ मिलना चाहिए। योजना के अनुपालन के लिए किसी को अदालत जाना पड़े, यह विभाग के लिए उचित नहीं है। प्रकरणों की जानकारी और समीक्षा के लिए 13 अगस्त को बैठक बुलाई गई है।
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