मुरादाबाद: थाने जा रहे पिता-पुत्र को दबंगों ने आंबेडकर पार्क से घर तक दौड़ाकर पीटा, जानिए क्या है मामला?

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

भूरा व उसके दोनों बेटों ने थाने जाते समय गांव के बलवीर व उसके बेटे सुमित पर किया जानलेवा हमला, दबंगो ने पीड़ित के बेटे व नाती को रास्ते में रोक कर पीटा था, पुलिस के बुलाने पर पीड़ित जा रहा था थाने

मुरादाबाद, अमृत विचार। मैनाठेर थाना क्षेत्र के दबंगों ने आंबेडकर पार्क से घर तक दौड़ाकर पिता-पुत्र को मारा पीटा। पीड़ित बलवीर ने बताया कि उनके गांव के भूरा, धर्मेंद्र, आजम व जितेंद्र आंबेडकर पार्क के पास घात लगाए बैठे थे। दोपहर को जैसे ही उनके बेटे को देखा, तो उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बलवीर बेटे को बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी पीटा। दोनों मौके से भागे तो हमलावरों ने उनका पीछा किया और फिर जान से मार देने की धमकी देकर इधर-उधर हो गए। इस मामले में गुरेर गांव निवासी बलवीर ने मंगलवार को मैनाठेर थाने में चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें गांव का ही भूरा व उसके दो बेटे धर्मेंद्र व जितेंद्र और थाना बिलारी के आरीखेड़ा निवासी अजय नामजद हुआ है।

बलवीर ने बताया कि घटना 31 अगस्त की अपराह्न 3.30 बजे की है। पुलिस को बताया है कि यदि उनके गांव के जयपाल सिंह व दारा सिंह मौके पर न आ जाते तो हमलावर उन्हें व उनके बेटे को जान से मार डालते। बताया कि 30 अगस्त के दिन उनका बेटा सुमित और नाती अरुण मेला देखकर बाइक से घर आ रहे थे। रास्तें में धर्मेंद्र व उसके साथ दो अन्य लोगों ने उनके बेटे की बाइक रोक ली और दोनों को मारा पीटा। 

दो मोबाइल भी छीन लिए थे। इस घटना के बाद वह ने थाने में तहरीर भी दी थी। 31 अगस्त को चौकी व लैपर्ड पुलिस उनके नाती अरुण और आरोपी भूरा को उठा ले आई थी। बलवीर को भी पुलिस चौकी में बुलाया था। बलवीर ने बताया कि वह अपने बेटे सुमित संग पुलिस चौकी जा रहे थे, तभी रास्ते में आंबेडकर पार्क के पास आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और मारने पीटने लगे। धर्मेंद्र व जितेंद्र ने बलवीर पर हमला कर दिया। पीड़ित ने बताया कि धर्मेंद्र व जितेंद्र ने उनकी पीठ पर चाकू से तीन वार किए। सुमित के सिर पर ईंट मार दी थी। 

हमलावरों से बचने के लिए बलवीर व बेटा सुमित घर की तरफ भागे। फिर भी आरोपी उन्हें पीटते रहे। कई लोगों ने दोनों रो हमलावरों से बचाया। बाद में बलवीर ने उसी दिन पुलिस चौकी में जानकारी दी थी। पुलिस ने बलवीर और उनके बेटे सुमित का कुंदरकी सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया था। बताया कि चौकी पुलिस ने आरोपी भूरा और उनके नाती अनिल को उसी दिन 30 अगस्त को ही पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। अगले दिन हुई घटना में उसी दिन 31 अगस्त को ही पुलिस आरोपी भूरा व उसके दोनों बेटे जितेंद्र व धर्मेंद्र पकड़ लाई थी, लेकिन रात में ही छोड़ दिया था।

तबीयत खराब हुई थी, इसलिए छोड़ा
मैनाठेर थानाध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि आरोपी भूरा और उसके एक बेटे को वह 31 अगस्त को पकड़ लाए थे। उसमें भूरा के बेटे की तबायत खराब हो गई थी। उपचार के लिए अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। फिर डॉक्टरों की सहमति पर उसे गुरेर गांव ले जाकर प्रधान के सुपुर्द किया था। चूंकि आरोपी बीमार था, इसलिए उसके बाप भूरा को भी छोड़ा था। नहीं तो भूरा अपने बेटे की बीमारी के चलते पुलिस पर कई तरह के आरोप लगा सकता था। लेकिन, इन चारों आरोपियों भूरा व उसके बेटे धर्मेंद्र, जितेंद्र और अजय को गिरफ्तार करेंगे।

ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद: रेलवे में संविदा पर नौकरी के लालच में गंवाए एक लाख से अधिक रुपये, रिपोर्ट दर्ज

संबंधित समाचार