शाहजहांपुर: निगरानी के बाद भी कट गईं 100 से ज्यादा अवैध कॉलोनी, जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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फोटो- शाहजहांपुर महानगर का नक्शा।

शाहजहांपुर, अमृत विचार। विनियमित क्षेत्र की निगरानी के बावजूद महानगर में 100 से ज्यादा अवैध कालोनी का विकास हो गया है। मुनाफे के चक्कर में जनता की सुविधाओं को ताख पर रखकर कालोनाइजर ने अंधाधुंध कालोनी काट दी हैं। विनियमित क्षेत्र के कंधों पर अनियोजित विकास को रोकने की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके बाद भी अनियोजित विकास होता जा रहा है। इसे रोकने में विनियमित क्षेत्र अब तक फेल साबित हो रहा है। हालांकि इस समय कुछ अवैध कालोनी के विध्वंस की कार्रवाई चल रही है, लेकिन यह कब पूरी होगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कलोनाइजर बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी काटते हैं। जनता को उचित सुविधाएं देने और सरकारी टैक्स से बचने के लिए कॉलोनाइजर बिना लेआउट (कालोनी का नक्शा) पास कराए ही कालोनी का विकास शुरू कर देते हैं।

इन अवैध कालोनी में चौड़ी सड़कें, पार्क, कार मोड़ने की जगह, पानी निकासी की जगह आदि की सुविधा नहीं होती है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी कालोनी से जनता को तो कई तरह की परेशानी होती ही है, साथ ही साथ सरकार को भी राजस्व का चूना लगता है।

ऐसी कालोनी पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र के कंधों पर है। बीते दिनों विनियमित क्षेत्र को शिकायत मिली थी कि नगर में कई कॉलोनी बिना नक्शा पास कराए काटी जा रही हैं। इसके बाद जांच की गई तो कई कालोनी पकड़ में आईं।

इसी तरह एक के बाद एक कालोनी अवैध रूप से काट दी गई और विनियमित क्षेत्र तमाशा देखता रह गया। यह प्रक्रिया अब भी जारी है। अब महानगर में विकास प्राधिकरण बनने की कवायद चल रही है। विकास प्राधिकरण आने के बाद स्टाफ बढ़ेगा, साथ ही नियोजित विकास की दिशा में ध्यान दिया जाएगा। ऐसे में इन अवैध कालोनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

अवैध कालोनी को वैध करने का होता है खेल
शहर में अवैध कालोनी को वैध करने का खेल भी खेला जाता है। कई बार देखा गया है कि विनियमित क्षेत्र की ओर से कालोनी को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया जाता है और बाद में जुर्माना लगाने के बाद उसी कालोनी को वैध कर दिया जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि अवैध कालोनी काटकर भी कार्रवाई से बचा जा सकता है। बस इसी को आधार मानकर लगातार अवैध कालोनी काटी जा रही हैं।

कालोनाइजर एक के बाद एक अवैध कालोनी काट रहे हैं और बाद में जुर्माना देकर सुविधाएं न होने के बाद भी कालोनी को वैध घोषित करवा रहे हैं। हालांकि ग्रीन बेल्ट समेत जमीन के तमाम ऐसे प्रकार हैं जिनमें में किसी भी हाल में नक्शा पास नहीं कराया जा सकता है। फिर चाहे कोई कालोनाइजर कितना भी जुर्माना दे दे। विनियमित क्षेत्र के नक्शे में अगर कोई क्षेत्र निर्माण के लिए प्रतिबंधित है तो उस पर नक्शा पास नहीं किया जा सकता है। ऐसे में यहां बनाई गईं कालोनी हमेशा के लिए अवैध रह जाती हैं।

ग्राम पंचायतों में भी कट रहीं अवैध कालोनी
शहरीकरण की आड़ में कुछ कालोनाइजरों ने अवैध कमाई का जरिया ढूंढ लिया है। जिले की सभी नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों से सटे ग्रामीण इलाकों में कई अवैध कालोनियां विकसित हो रही हैं। कुछ तो बस चुकी हैं। सस्ती दर पर जमीन खरीदकर वहां प्लाटिंग की जा रही है।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित हो रही कालोनियों में से किसी का भी नक्शा पास नहीं कराया गया है। जिले के विभिन्न इलाकों में विकसित हो रही कालोनियों की पड़ताल की गई तो पता चला कि कहीं विद्युतीकरण का अभाव है तो कहीं पक्की सड़कें नहीं बनी हैं। इसके बावजूद कालोनाइजर टुकड़ों में प्लाटिंग कर बेच रहे हैं। कुछ की बुकिंग हो रही है तो कुछ की रजिस्ट्री।

अवैध कालोनी न काटी जाए इसके लिए हम लगातार प्रयास करते हैं। इसके बाद भी कोई कालोनी कट जाती है तो कालोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुछ कालोनी का विध्वंस करने की प्रक्रिया चल रही है--- डॉ. वेद प्रकाश मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र।

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