Kanpur News: रमईपुर-कबरई फोरलेन को नंवबर में एनओसी, राजमार्ग प्राधिकरण ने पर्यावरण मंत्रालय को भेजा पत्र
कानपुर में रमईपुर-कबरई फोरलेन को नंवबर में एनओसी।
कानपुर में रमईपुर-कबरई फोरलेन को नंवबर में एनओसी मिल सकती है। राजमार्ग प्राधिकरण ने पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजा। पर्यावरण एनओसी के लिए समिति का गठन किया।
कानपुर, अमृत विचार। रमईपुर से कबरई तक प्रस्तावित फोरलेन समानांतर हाईवे कानपुर नगर, फतेहपुर, हमीरपुर व महोबा से होते हुए गुजरेगा। कानपुर-सागर हाईवे के समानांतर बनने बनने वाले फोरलेन को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे तथा कानपुर-लखनऊ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा, जिससे कानपुर से भोपाल जाने का रास्ता और भी आसान हो जाएगा।
चार जिलों से होकर गुजरने वाले इस फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई ने पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखकर एनओसी की मांग की है, जिसके लिए समिति का गठन कर दिया गया है। एनएचएआई ने संभावना जताई है कि नवंबर माह तक फोरलेन निर्माण के लिए पर्यावारण एनओसी मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाला कानपुर-सागर हाईवे टू लेन होने के कारण राहगीरों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस हाईवे पर हमीरपुर और कबरई से बड़े पैमाने पर गिट्टी व मौरंग की ढुलाई होती है। कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, लखीमपुर आदि जिलों से हर दिन 30 हजार से अधिक डंपर और ट्रक गिट्टी, मौरंग लेकर जाते हैं। ओवरलोड अनियंत्रित वाहनों के कारण आए दिन इस हाईवे पर हादसे होते रहते है, जिनमें अब तक सैकड़ों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ चुका है।
हादसों की रोकथाम और लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए रमईपुर से कबरई तक करीब 112 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाने की योजना तैयार की गई थी। यह फोरलेन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को पार कर कबरई तक बनेगा। 3700 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर व महोबा जनपदों की छह तहसीलों के 96 गांवों से होकर गुजरेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसके लिए गांवों को चिन्हित कर लिया। चार जिलों से होकर गुजरने वाले फोरलेन निर्माण के लिए राजमार्ग प्राधिकरण ने पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिख कर पर्यावरण एनओसी की मांग की थी। जिसके लिए समिति का गठन कर दिया गया, नवंबर माह के अंत तक पर्यावरण एनओसी मिलने की संभावना है। पर्यावरण एनओसी के बाद भूमि अधिग्रहण के कार्य की शुरूआत की जाएगी।
चार जिलों से होकर गुजरने वाले फोरलेन निर्माण के लिए पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिख कर एनओसी की मांग की गई थी। मंत्रालय की ओर से समिति का गठन कर दिया गया है। नवंबर माह के अंत तक पर्यावारण एनओसी मिलने की संभावना है।- अमन रोहिला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
