इन जगहों पर होती है हीरे की बारिश, धरती का हर शख्‍स बन सकता है अरबपत‍ि

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जरा सोचिए अगर कोई जगह ऐसी हो जहां हीरे की बारिश हो। ये सुनकर जरूर हैरानी भरा लग रहा है लेकिन बिल्कुल सच है। जहां हीरे की बारिश होती है वहां इतना हीरा है कि अगर मिल जाए तो धरती का हर एक शख्‍स अरबपत‍ि बन सकता है। दरअसल, हम जिन जगहों की बात कर रहे हैं वो ग्रह हैं। ये ग्रह नेपच्यून और यूरेनस हैं। बता दें नेपच्यून पृथ्वी से करीब 15 गुना बड़ा है जबक‍ि यूरेनस धरती से करीब 17 गुना बड़ा। दोनों ग्रहों पर ऐसी स्थित‍ियां बनती हैं कि हीरे की बार‍िश होती है। 

साइंटिस्‍ट के मुताबिक, यूरेनस और नेपच्यून हमारे सौरमंडल में सबसे दूरी पर रहने वाले ग्रह हैं। जब भी हम सौरमंडल के बारे में चर्चा करते हैं तो इनकी चर्चा आमतौर पर नहीं होती। इसल‍िए बहुत सारे लोगों को इनके बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन धरती से सबसे ज्‍यादा दूर रहने वाले इन ग्रहों पर तापमान शून्य से 200 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है। यहां जमी हुई मीथेन के बादल उड़ते रहते हैं। 

वैज्ञानिकों के अनुसार, मीथेन में हाइड्रोजन और कार्बन होते हैं। जब भी मीथेन पर दबाव बनता है तो हाइड्रोजन और कार्बन दोनों अलग हो जाते हैं। यही कार्बन बाद में हीरे में तब्दील हो जाता है। इसल‍िए अगर आप वहां मौजूद होंगे तो आपके ऊपर हीरों की बार‍िश हो सकती है। यहां इतना ज्‍यादा हीरा यौगिक रूप में मौजूद है कि अगर मिल जाए तो हर शख्‍स अरबपत‍ि हो सकता है। स्‍पेस पर रिसर्च करने वाले नाओमी रोवे-गर्नी ने एक बार बताया था कि ये हीरे पहले से किसी बादल में मौजूद नहीं होते, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया की वजह से बनते हैं।

हालांकि, नेपच्यून पर मौसम धरती की तरह नहीं। वहां तापमान इतना नीचे चला जाता है कि कोई भी इंसान जम जाए। उसकी सतह करीब करीब पूरी तरह समतल है। वहां हवाओं की रफ्तार सौरमंडल के दूसरे किसी भी ग्रह से ज्यादा होती है। साइंटिस्‍ट के मुताबिक, मीथेन की हवाएं सुपरसोनिक रफ्तार से चलती हैं। कई बार तो इनकी स्‍पीड 1,500 मील प्रति घंटे तक पहुंच जाती है। वहां से हीरों को धरती पर ला पाना लगभग नामुमक‍िन है।

ये भी पढे़ं-  VIRAL NEWS: दानपेटी खोली तो निकली इंसानी खोपड़ी, देखकर लोगों की कांपी रूह

 

संबंधित समाचार