Kannauj: 12 रुपये किलो में बेंच दिया नौनिहालों का भविष्य, प्रधानाध्यापक निलंबित, विभाग की किरकिरी के बाद जांच शुरू
कन्नौज में 12 रुपये किलो में बेंच दिया नौनिहालों का भविष्य।
कन्नौज में 12 रुपये किलो में नौनिहालों का भविष्य बेंच दिया। विभाग की किरकिरी के बाद जांच शुरू हुई। इंदरगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल कचाटीपुर के शिक्षकों पर आरोप लगे।
कन्नौज, अमृत विचार। अक्सर परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सभी विषयों की निशुल्क किताबें नहीं मिल पाती हैं, लेकिन जनपद के कुछ शिक्षकों ने मिलकर 12 रुपये किलो के हिसाब से साढ़े छह क्विंटल किताबें कबाड़ी की दुकान पर बिक्री कर दीं। आरोप प्राथमिक स्कूल कचाटीपुर के अध्यापकों पर लगे हैं।
बताया गया है कि शुक्रवार को इंदरगढ़ कस्बे में विजय कुमार कबाड़ी की दुकान पर कक्षा एक से पांच तक की गणित, विज्ञान, हिंदी की किताबों को रद्दी के भाव बिक्री कर दिया गया। मामला सुर्खियों में आने के बाद अब बेसिक शिक्षा महकमा आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई की बात कह रहा है। दो दिन पहले जब शिक्षक प्लास्टिक की बोरियों में किताबें भरकर कबाड़ी के यहां आए तो कुछ लोगों ने उसका वीडियो बना लिया। फोटो भी खींच लीं।
उसके बाद मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना है कि छात्र-छात्राओं को निशुल्क मिलने वाली किताबों को बिक्री कर शिक्षक अवैध तरीके से कमाई कर रहे हैं।
मेरे पास प्राथमिक स्कूल कचाटीपुर के लोग किताबें बिक्री करने आए थे। पता नहीं था कि बोरियों में कौन सी किताबें हैं। पांच क्विंटल से अधिक किताबें 12 रुपये किलो में खरीदी हैं।- विजय कुमार, कबाड़ खरीदार
विभाग की किरकिरी के बाद शुरू हुई जांच
परिषदीय स्कूलों को निशुल्क मिलने वाली किताबें जब कबाड़ी के यहां बिक्री करने का मामला तूल पकड़ा तो जांच शुरू हो गई है। उमर्दा के बीईओ विश्वनाथ पाठक ने शनिवार को इंदरगढ़ पहुंचकर कबाड़ दुकानदार विजय कुमार से पूछताछ की। उसने बीईओ को बताया कि 13 प्लास्टिक की बोरियां भरकर शिक्षक आए थे। साढ़े छह क्विंटल वजन की किताबें खरीदने के बाद उसने 7,800 रुपये दिए।
बीईओ ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर बीएसए के पास भेज दी है। कहा कि कबाड़ी के खिलाफ भी कार्रवाई को लेकर विभाग को रिपोर्ट भेजी है।
प्रधानाध्यापक निलंबित, एफआईआर दर्ज कराने के आदेश
प्राथमिक स्कूल कचाटीपुर के प्रधानाध्यापक राजेश कांत द्विवेदी को किताबें बिक्री करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हुए हैं। शिक्षामित्र रनपाल सिंह को भी हटाने के लिए ग्राम शिक्षा समिति से प्रस्ताव मांगा गया है।
बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को निशुल्क दी जाने वाली किताबों की बिक्री कबाड़ी के यहां करने के मामले की जांच कराई गई। इसके लिए बीईओ उमर्दा विश्वनाथ पाठक, एआरपी नितेश सिंह, सत्यपाल सिंह, प्रमोद कुमार व अनुचर विजय कुमार को कबाड़ी विजय कुमार के यहां इंदरगढ़ भेजा गया। प्रधान व पुलिस की मौजूदगी में शनिवार को कबाड़ी की दुकान का ताला खुलवाया।
मौके पर किताबें बरामद हुईं और बयान भी लिए गए। इसमें दुकानदार ने प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश कांत द्विवेदी और शिक्षामित्र रनपाल सिंह का नाम लिया। बीएसए का कहना है कि बेंची गई किताबों में वर्तमान शैक्षिक सत्र 2023-24 के अलावा पिछले सत्रों की भी किताबें शामिल होने की पुष्टि हुई है। प्रधानाध्यापक ने फर्जी छात्र संख्या दिखाई है। नामांकन 285 छात्र-छात्राओं का बताया गया, लेकिन मौके पर 63 बच्चे ही मिले।
निलंबित प्रधानाध्यापक यूपीएस हिसामुद्दीनपुर में संबद्ध
बीएसए का कहना है कि प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए उच्च प्राथमिक स्कूल हिसामुद्दीनपुर में संबद्ध कर दिया गया है। ग्राम शिक्षा समिति से तीन दिन में शिक्षामित्र को हटाने का प्रस्ताव मांगा गया है। जांच के लिए बीईओ हसेरन व तालग्राम की टीम बनाई गई है। एक सप्ताह में आरोप पत्र व 15 दिनों में जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
शनिवार को हुई जांच में कहा गया है कि 63 छात्र-छात्राएं मौके पर मिले, जबकि पूर्व के दिनों में छात्र संख्या 191, 176 व 180 दर्शार्ई गई है। प्रधानाध्यापक की ओर से किताबें बिक्री करना अपराध की श्रेणी में आता है और इससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई है। पुस्तक वितरण का रजिस्टर भी अपूर्ण मिला। इन सभी कमियों की वजह से कार्रवाई हुई है।
