Kannauj: करंट की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत, परिजनों में मचा कोहराम, एक के परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम
कन्नौज में करंट की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत।
कन्नौज में करंट की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
कन्नौज, अमृत विचार। सदर व तिर्वा कोतवाली क्षेत्रों में अलग-अलग हुई करंट लगने की घटनाओं में दो महिलाओं की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने एक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जब कि दूसरी के शव को परिजन घर ले गए। छिबरामऊ में एक युवक की एचटी करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।
पहली घटना तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव खालेपुर्वा में घटी। यहां की निवासी मिथलेश वर्मा (30) पत्नी आशा राम शनिवार को शाम के समय घर में अकेली थी। वह मवेशियों के लिए मशीन के नीचे से चारा भर रही थी। परिजनों के अनुसार उसी समय घर में गई केबल टूट कर चारा मशीन पर आ गिरी। मशीन में आये करंट की चपेट में आने से वह मौके पर ही गिर पड़ी। कुछ देर के बाद परिजन जब घर पहुंचे तो मिथलेश को पड़ा देखा।
आनन फानन परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर ले जाना चाहते थे पर डाक्टर ने मोर्चरी में रखवा दिया। मौत की जानकारी पर परिजनों का रो रो कर बुरा हाल रहा। सूचना पर मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गये हैं। रविवार को शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
दूसरी घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के भानपुर गांव की है। यहां की निवासी रेनू (54) पत्नी अनुरोध हीटर पर खाना बना रही थी। इसी दौरान करंट की चपेट में आ गई। इससे वह बेहोश होकर गिर गई। परिजनों ने किसी तरह मुक्त कराया। इसके बाद गंभीर हालत में उनको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
वही परिजनों ने बताया कि रेनू मकान के छत पर कपड़े सुखाने गई थी। इसी दौरान करंट की चपेट में गई। इससे मौत हो गई। जिला अस्पताल में मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार ग्राम भरापुर निवासी प्रहलाद शाक्य का 23 वर्षीय पुत्र विक्रम शाक्य पिछले दो माह से एलएनटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा ग्राम कुशालपुर में बनाई जा रही नई लाइन में कम कर रहा था। तभी किसी प्रकार 11 हजार लाइन का करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। युवक के साथ कम कर रहे गांव के ही निवासी गौरव पुत्र ओमपाल व विमल पुत्र रामदास ने सौ शैया अस्पताल पहुंचाया।
यहां इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने प्रशिक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं मामला संज्ञान में आते ही उपजिलाधिकारी उमाकांत तिवारी भी अस्पताल पहुंच गए और मृतक के परिवार को ढांढस बंधाया। घटना के बाद से मृतक विक्रम की पत्नी अनामिका देवी व एक बेटी निधि का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
