Jalaun News: रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, शराब में पहले परिवार बिखरा, अब जान चली गई
जालौन के कांशीराम कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिला।
जालौन के कांशीराम कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिला। छह माह से कॉलोनी में ही अपनी मां के साथ युवक रह रहा था।
जालौन, अमृत विचार। नगर के कांशीराम कॉलोनी इलाके से निकली रेलवे लाइन पर एक युवक के शव पड़े होने की सूचना से सनसनी फैल गई। गैंगमेन ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह 6 बजे के आसपास कांशीराम कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक के किलोमीटर नम्वर 1274 पर ट्रेन की चपेट में आने से यूवक की मौत हो गई, जिसकी खबर रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले गैंग मैन नितिश कुमार को लगी तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी। वहीं जीआरपी व आरपीएफ के साथ ही स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।
कालपी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार राठौर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई। मृतक की शिनाख्त राघवेंद्र सिंह चन्देल पुत्र स्व.परमार सिंह चन्देल उर्म 40 वर्ष निवासी बबीना कदौरा के रूप में हुई। मृतक की मां व बहिन ने आकर शिनाख्त की। जैसे ही परिजनों ने शव का देखा फफक पड़े। मां और बहिन तो दहाड़ मारकर रोने लगी। मौके पर अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला।
बताया जा रहा है कि बीते छह माह से वह अपनी मां के साथ कालपी में कांशीराम कॉलोनी में ही आवास संख्या 55 में रह रहा था। यह कॉलोनी किसी दूसरे के नाम पर आवंटित है। वह गोल गप्पे का काम करके परिवार का संचालन कर रहा था। मृतक के भांजे की मानें तो वह तनाव में रहते थे, शायद इसी वजह से आत्मघाती कदम उठा लिया हो। हालांकि यह तय नहीं हो पा रहा है कि उसने आत्म हत्या की है या फिर पटरी पार करते वक्त वह किसी ट्रेन की चपेट में आ गया। पुलिस ने शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शराब में पहले परिवार बिखरा, अब जान चली गई
ट्रेन की चपेट में आए राघवेंद्र सिंह की मौत का सदमा उसकी मां को लगा है। बुढ़ापे का वही सहारा था। राघवेंद्र की कहानी भी अजीब है। पारिवारिक सूत्रों की मानें तो उसने दो विवाह किए थे। वह मुख्य रूप से गर्रेही गांव का रहने वाला था। उसका मकान बबीना में था तो वह परिवार के साथ बबीना रहने लगा था।
शराब की लत की वजह से उसका परिवार बिखरा रहा। आए दिन घर में क्लेश होता था। उसने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया तो उसकी दोनों पत्नियां उसका साथ छोड़ गई। इसके बाद वह अपनी मां के साथ कालपी कांशीराम कॉलोनी में आकर रहने लगा था। पत्नी के साथ छोड़ने पर वह तनाव में अधिक रहने लगा था। शराब की लत में पहले परिवार बिखरा और अब राघवेंद्र की जान चली गई।
