ग्रामीण क्षेत्रों में एफटीटीएच कनेक्शन के लिए आईएसपी को मान्यता देने की योजना 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। ग्रामीण भारत में डिजिटल समावेश और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावादेने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में दूरसंचार विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) ब्रॉडबैंड कनेक्शन देने में प्रयासों के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को मान्यता देने की एक योजना शुरू की है।

ये भी पढ़ें आवारा कुत्तों का कहर, किया वकील पर हमला, सुप्रीम कोर्ट चिंतित

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत, दूरसंचार विभाग ने श्रेणी ए, बी और सी में प्रत्येक के लिए तीन-तीन, कुल नौ आईएसपी को मान्यता देने का निर्णय लिया है, जिन्होंने एक वर्ष में ग्रामीण एफटीटीएच कनेक्शनों की अधिकतम संख्या में नये कनेक्शन प्रदान किए हैं।

मान्यता के तहत एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा और आईएसपी का नाम दूरसंचार विभाग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह मान्यता प्रतिवर्ष अप्रैल से मार्च तक के लिए दी जाएगी। पहली मान्यता 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2024 की अवधि के लिए होगी। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम शुद्ध योग मानदंड इस प्रकार हैं: श्रेणी ए: इस श्रेणी में आईएसपी को ग्रामीण एफटीटीएच कनेक्शन में न्यूनतम 50,000 शुद्ध योग हासिल करने की आवश्यकता है।

श्रेणी बी: इस श्रेणी में आईएसपी को ग्रामीण एफटीटीएच कनेक्शन में न्यूनतम 10,000 शुद्ध योग हासिल करने की आवश्यकता है। श्रेणी सी: इस श्रेणी के आईएसपी को ग्रामीण एफटीटीएच कनेक्शन में न्यूनतम 2,000 शुद्ध योग हासिल करने की आवश्यकता होगी।

यह पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच और कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा पूरे देश में सामाजिक-आर्थिक विकास और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 

ये भी पढ़ें - स्वामी विवेकानंद का शिकागो में दिया गया भाषण वैश्विक एकता के शंखनाद की दिलाता है याद : PM मोदी

 

संबंधित समाचार