बरेली: जान-पहचान थी बुला लिया सैंपल कक्ष में, संक्रमित निकला तो मचा हड़कंप

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। आरटीपीसीआर सैंपल लेने में भी स्वास्थ्य विभाग में मनमानी चल रही है। जिला अस्पताल की गुंबद वाली बिल्डंग में जहां आरटीपीसीआर के सैम्पल लिए जाते हैं वहां भी खेल चल रहा है। आम लोगों के बाहर लाइन लगवाकर सैम्पल लिए जाते हैं जबिक कुछेक को अंदर लैब तक बुला लिया जाता है। …

बरेली, अमृत विचार। आरटीपीसीआर सैंपल लेने में भी स्वास्थ्य विभाग में मनमानी चल रही है। जिला अस्पताल की गुंबद वाली बिल्डंग में जहां आरटीपीसीआर के सैम्पल लिए जाते हैं वहां भी खेल चल रहा है। आम लोगों के बाहर लाइन लगवाकर सैम्पल लिए जाते हैं जबिक कुछेक को अंदर लैब तक बुला लिया जाता है।

शनिवार को हड़कंप तब मच गया जब लैब कर्मचारी ने एक युवक को अंदर बुला लिया। एंटीजन टेस्ट में युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद वहां खलबली मच गई। अब लैब का स्टाफ डरा हुआ है कि उनमें से कोई संक्रमित न हो जाए।

शनिवार को आरटीपीसीआर सैंपल रूम के बाहर रोजाना की तरह सैपलिंग का कार्य चल रहा था। सुबह 11 बजे सैंपल रूम में कार्यरत एक स्टाफ का परिचित युवक अपना व पिता की जांच कराने आया। परिचित होने के कारण स्टाफ ने दोनों को सैंपल रूम के अंदर बुलाकर एंटीजन और आरटीपीसीआर की जांच को सैंपल लिया।

10 मिनट बाद परिणाम आने पर डाक्टर सहित स्टाफ के होश उड़ गए। जांच में युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। आनन फानन में स्टाफ ने युवक को वहां से निकालकर सैंपल रूम को सैनेटाइज कर बंद कर दिया। इसके बाद कोरोना की जांच को आए लोगों को ट्रूनॉट सैंपल कलेक्शन रूम में भेज दिया गया।

इससे पहले भी विवादित रहा सैंपल कलेक्शन रूम
27 जुलाई को बालाजी बिहार कालोनी निवासी युवक ने वीडियो वायरल करते हुए आरोप लगाया था कि सैंपल लेने में धांधलेबाजी की जा रही है। युवक का कहना था कि जब वह कोरोना की जांच के लिए अस्पताल गया तो स्टाफ ने पांच घंटे इंतजार कराया। जबकि उस दौरान ऑटो से पहुंचे दो युवकों को पीछे के रास्ते से सैंपल कलेक्शन रूम के अंदर बुलाकर उनके सैंपल ले लिए गए। लाइन में लगे लोगों ने जब हंगामा किया तो दोनों को पीछे के रास्ते से बाहर निकाल दिया गया था।

ट्रूनॉट लैब के सैंपल कलेक्शन रूम में हुए सैंपल
जिला अस्पताल की गुबंद वाली बिल्डिंग के सैंपल कलेक्शन रूम में युवक के संक्रमित निकलने से वहां मौजूद लोगों को ट्रुनॉट कलेक्शन रूम में जाकर जांच कराने को कहा गया। ट्रूनॉट के जहां सैंपल लिए जा रहे थे वहां पहले से ही भीड़ थे। इसके बाद और भी लोग आ गए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। सवाल यह है कि अगर सैंपल देने आए लोगों में से एक भी पॉजिटिव हुआ तो और कितने लोग कोरोना की चपेट में आएंगे।

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