कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ सोमवार से शुरू होगा मानसून सत्र

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नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण नए नियमों और पाबंदियों के बीच बदले हुए अंदाज में संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। जिसमें सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जाएगा, सदन के अंदर और बाहर विरोध-प्रदर्शनों की अनुमति नहीं होगी। देश के संसदीय इतिहास में पहली बार प्रश्नकाल नहीं होगा और एक …

नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण नए नियमों और पाबंदियों के बीच बदले हुए अंदाज में संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। जिसमें सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जाएगा, सदन के अंदर और बाहर विरोध-प्रदर्शनों की अनुमति नहीं होगी।

देश के संसदीय इतिहास में पहली बार प्रश्नकाल नहीं होगा और एक ही सदन के सांसद दोनों सदन गृहों में तथा दर्शक दीर्घाओं में बैठेंगे। 17वीं लोक सभा का चौथा और राज्य सभा का 252वां सत्र इस मायने में भी खास होगा कि लगभग पूरा कामकाज कागज रहित और डिजिटल होगा तो दूसरी तरफ मत विभाजन की स्थिति में डिजिटलीकरण छोड़कर पुराने दिनों की तरह पर्चियों से वोटिंग होगी।

यह भी पहली बार होगा कि पूरे सत्र के दौरान सदन में कोई साप्ताहिक अवकाश भी नहीं होगा। दोनों सदनों की कार्यवाही का समय अलग-अलग होगा और दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होगा। 1 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में 18 बैठकें होंगी जिनमें 45 विधेयक पेश/पारित करने के लिए रखे जायेंगे।

इनमें 11 विधेयक ऐसे हैं जिनके लिए सरकार बजट सत्र के बाद अध्यादेश लागू कर चुकी है। इनमें अधिकतर अध्यादेश आत्मनिर्भर भारत पैकेज की दौरान की गई घोषणाओं से संबंधित हैं। वित्त वर्ष 2019-20 की पहली अनुपूरक अनुदान मांगों और उनसे जुड़े विनियोग विधेयक पर भी सदन में चर्चा होगी। संसद में लंबित 17 विधेयकों को भी पारित कराए जाने की सरकार की योजना है जबकि ऐसे पांच विधेयकों को सरकार वापस लेगी।

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