Kanpur में तेज खुजली वाले बुखार से मरीज परेशान, GSVM मेडिकल कॉलेज में आ चुके दो दर्जन केस

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में तेज खुजली वाले बुखार से मरीज परेशान।

कानपुर में तेज खुजली वाले बुखार से मरीज परेशान है। वायरल हेपेटाइटिस ए के नए स्ट्रेन आने की आशंका है। वहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अब तक दो दर्जन केस आ चुके।

कानपुर, अमृत विचार। सरकारी और निजी अस्पताल इस समय बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। अभी तक बुखार पीड़ितों को शरीर में असहनीय पीड़ा, पेट खराब होने, जोड़ों में दर्द, उल्टी-दस्त की समस्या हो रही थी, लेकिन अब नयी आफत आ गई है। खुजली वाला बुखार लोगों को तेजी से शिकार बना रहा है।

इसमें रोगी में पीलिया का स्तर काफी बढ़ रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक पूरी तरह से ठीक होने में दो महीने समय लग सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में दो दर्जन से ज्यादा केस आ चुके हैं। डॉक्टर इसे लेकर वायरल हेपेटाइटिस ए का नया स्ट्रेन आने की आशंका जता रहे हैं। 

कभी बारिश फिर उमस भरी गर्मी से इस समय कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया लगातार बढ़ रहा है। हैलट, उर्सला और कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी और इमरजेंसी में वायरल के मरीज बड़ी संख्या में भर्ती हैं। हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वार्ड फुल हो चुके हैं।

ओपीडी में तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, चलने फिरने में दिक्कत, पेट में दर्द, उल्टी दस्त की समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। अब मरीज बुखार के साथ तेज खुजली की परेशानी लेकर आ रहे हैं। मरीजों के अनुसार खुजली इतनी ज्यादा रहती है कि शरीर के कुछ हिस्सों में खून तक निकाल आता है।

मेडिसिन विभाग के प्रो. विनय कुमार के मुताबिक हर दिन की ओपीडी में पांच से छह केस वायरल हेपेटाइटिस ए और ई की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामले इमरजेंसी में आ रहे हैं। इसमें से 90 फीसद से ज्यादा वायरल हेपेटाइटिस ए के हैं। ऐसे मरीजों में प्रोलांग्ड कोलेस्टेटिक जॉनडिस की समस्या मिल रही है। इसमें बिलरुबिन का स्तर काफी ज्यादा रहता है। कई बार मरीज पहले चर्म रोग विभाग या फिर स्किन रोग विशेषज्ञ को दिखाते हैं।

गंदे पानी और भोजन से बढ़ा संक्रमण 

वायरल हेपेटाइटिस ए का संक्रमण गंदे पानी और दूषित भोजन के सेवन से होता है। यह सामान्य व्यक्ति के संक्रमित के मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। अक्सर घर में किसी एक रोगी होने की वजह से अन्य लोग संक्रमित हो सकते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी होता है। बच्चों की साफ सफाई के दौराना सही तरीके से हाथ न धोने से माता-पिता भी चपेट में आ सकते हैं। यह वायरल का नया स्ट्रेन है।

गर्भवती महिलाओं में बढ़ जाती समस्या 

डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इसका संक्रमण किसी को भी चपेट में ले सकता है। इस समय एहतियात बरतने की जरूरत है। प्रसूताओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए। संक्रमण की चपेट में आने से उनमें परेशानियां बढ़ जाती है।

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